Siwan News : दिनभर ललचाते रहे बदरा, किसानों में मायूसी

मौसम के बदलते मिजाज से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. आषाढ़ माह में मौसम के रवैया में नाटकीय परिवर्तन देखने को मिल रहा है. कभी तीखी धूप से लोग परेशान हो रहे हैं, वहीं बादल घिरने से बारिश की उम्मीद जग जाती है, लेकिन बादल बिन बरसे ही लौट जा रहे है, जिसजे चलते किसान परेशान है.

सीवान. मौसम के बदलते मिजाज से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. आषाढ़ माह में मौसम के रवैया में नाटकीय परिवर्तन देखने को मिल रहा है. कभी तीखी धूप से लोग परेशान हो रहे हैं, वहीं बादल घिरने से बारिश की उम्मीद जग जाती है, लेकिन बादल बिन बरसे ही लौट जा रहे है, जिसजे चलते किसान परेशान है. गुरुवार को दिनभर बदरा लचलाते रहे. शाम को बिना बरसे चले गए.आसमान में बादल छाने से अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गयी, लेकिन उमस भरी गर्मी से कोई राहत नहीं मिली. अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बुधवार अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया था. मौसम की इस बेरुखी से किसानों की चिंता बढ़ गयी है. किसान धान नर्सरियों को लेकर परेशान हैं. पानी के अभाव में धान की रोपाई तक नहीं हो पा रही है. सात जुलाई से पुनर्वसु नक्षत्र की शुरुआत हो गयी है. पुनर्वसु नक्षत्र धान की रोपनी का उत्तम समय होता है. हालात यह है कि जुलाई माह में बारिश नहीं हुई है. मौसम विशेषज्ञ डॉ मनोज कुमार गिरि ने बताया कि रविवार तक अच्छी बारिश की उम्मीद नही है. हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. सोमवार से माॅनसून के सक्रिय होने की उम्मीद है. फिलहाल आसमान में बादल बनें रहेगे. 25 से 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पुरवा हवा चलेगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी. अच्छी बारिश के लिए लोगों को कुछ दिनों का और इंतजार करना पड़ सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAH ABID HUSSAIN

SHAH ABID HUSSAIN is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >