Siwan News: संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण कानून को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के बैनर तले शहर में प्रतिवाद मार्च निकाला गया. मार्च के बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण कानून लागू करने में देरी का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की.
2023 में कानून पारित, अब तक लागू नहीं: सोहिला गुप्ता
सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा की राज्य अध्यक्ष सोहिला गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुका है. इसके बाद 2024 का लोकसभा चुनाव और बिहार सहित कई राज्यों के विधानसभा चुनाव भी संपन्न हो गए, लेकिन अब तक कानून लागू नहीं किया गया.
उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के प्रति केंद्र सरकार का रवैया स्पष्ट होता है. उन्होंने बिना किसी विलंब के महिला आरक्षण कानून लागू करने की मांग की.
जनगणना और परिसीमन का हवाला देकर हो रही देरी: माया कुशवाहा
जिला परिषद सदस्य माया कुशवाहा ने कहा कि सरकार जनगणना और परिसीमन का हवाला देकर महिला आरक्षण कानून लागू करने में देरी कर रही है, जो उचित नहीं है. उन्होंने महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार जल्द से जल्द देने की मांग की.
वक्ताओं ने एक स्वर में उठाई 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग
सभा को ऐपवा की राज्य परिषद सदस्य रामावती देवी, कुंती यादव, मंजू देवी, विभा देवी, डॉ. फातिमा, हीरामति देवी, विंदा देवी एवं सल्हंती देवी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया.
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार बिना किसी और देरी के मिलना चाहिए.
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