सीवान: धान अधिप्राप्ति के बदले राज्य खाद्य निगम को कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले जिले के तीन पैक्सों के खिलाफ सीवान सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक ने सख्त रुख अपनाया है. जिला सहकारिता पदाधिकारी सह प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने बसंतपुर प्रखंड के बसंतपुर पैक्स तथा भगवानपुर हाट प्रखंड के गोपालपुर और सराय पड़ौली पैक्स के अध्यक्ष, प्रबंधक और प्रबंधकारिणी समिति के सदस्यों के घरों पर डुगडुगी बजाकर सार्वजनिक घोषणा कराने का निर्देश दिया है.
23 जुलाई को होगी सार्वजनिक घोषणा
जारी आदेश के अनुसार 23 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संबंधित पैक्सों के अध्यक्ष, प्रबंधक एवं प्रबंधकारिणी समिति के सदस्यों के घरों पर डुगडुगी बजाकर यह घोषणा की जाएगी कि लंबित सीएमआर की आपूर्ति तत्काल पूरी करें. इस कार्य की जिम्मेदारी संबंधित शाखा प्रबंधक और प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को सौंपी गई है. विभाग ने इसे अत्यंत आवश्यक बताते हुए समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
बसंतपुर पैक्स पर 10 लाख रुपये के दुरुपयोग की आशंका
विभागीय जानकारी के अनुसार बसंतपुर पैक्स ने खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में आठ लॉट धान की खरीद की थी. इसके बदले सात लॉट सीएमआर राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया गया, जबकि एक लॉट अब तक लंबित है. इससे करीब 10 लाख रुपये की सरकारी राशि के दुरुपयोग अथवा धान गबन की आशंका जताई गई है.
दो पैक्स में 20-20 लाख रुपये मूल्य का सीएमआर लंबित
भगवानपुर हाट प्रखंड के गोपालपुर पैक्स ने 11 लॉट धान खरीद के बदले केवल नौ लॉट सीएमआर जमा किया है, जबकि दो लॉट अभी भी लंबित हैं. सराय पड़ौली पैक्स की स्थिति भी इसी प्रकार है. वहां भी 11 लॉट के मुकाबले नौ लॉट सीएमआर जमा किया गया है और दो लॉट की आपूर्ति शेष है. दोनों पैक्सों में लंबित सीएमआर की अनुमानित कीमत करीब 20-20 लाख रुपये बताई गई है.
31 जुलाई तक का अंतिम अवसर
जिला सहकारिता पदाधिकारी सह प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने बताया कि तीनों पैक्सों की लगातार समीक्षा की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अध्यक्ष और प्रबंधक शेष सीएमआर उपलब्ध कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. विभाग ने 31 जुलाई तक सीएमआर जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की है. इसके बाद भी आपूर्ति नहीं होने पर सरकारी राशि के दुरुपयोग और धान गबन की आशंका को देखते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.
क्या है सीएमआर व्यवस्था
धान अधिप्राप्ति योजना के तहत पैक्स किसानों से धान की खरीद करते हैं. इसके बाद मिलिंग कर तैयार चावल (सीएमआर) राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जाता है. यही चावल जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से राशन कार्डधारियों को वितरित किया जाता है. इसलिए समय पर सीएमआर की आपूर्ति करना संबंधित पैक्सों की वैधानिक जिम्मेदारी है.
डुगडुगी के जरिए अंतिम चेतावनी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि डुगडुगी के माध्यम से सार्वजनिक सूचना देकर संबंधित पदाधिकारियों को अंतिम अवसर दिया जा रहा है, ताकि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जिम्मेदारी पूरी करें. यदि इसके बावजूद सीएमआर की आपूर्ति नहीं होती है तो संबंधित पैक्सों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
