Siwan Outstanding Teacher Selection 2026 : सीवान जिले में उत्कृष्ट शिक्षक चयन-2026 की प्रक्रिया उत्कृष्ट शिक्षक चयन-2026 की प्रक्रिया तेजशुरू कर दी गई है. जिले के प्रत्येक प्रखंड से प्राथमिक, मध्य तथा उच्च या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्तर से एक-एक उत्कृष्ट शिक्षक, प्रधान शिक्षक या प्रधानाध्यापक का नाम जिला स्तर पर भेजा जाएगा. इस तरह जिले के 19 प्रखंडों से कुल 57 नाम जिला शिक्षा कार्यालय को प्राप्त होंगे. सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्धारित प्रपत्र और प्रमाण-साक्ष्य के साथ नामांकन 26 अगस्त तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
सिर्फ वरिष्ठता नहीं, काम की गुणवत्ता बनेगी आधार
जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि चयन का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों की पहचान करना है, जिन्होंने अपने नियमित शैक्षणिक और प्रशासनिक दायित्वों से आगे बढ़कर विद्यालय, विद्यार्थियों या शिक्षा विभाग के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है. चयन में केवल वरिष्ठता, पद या सामान्य कर्तव्य निर्वहन को आधार नहीं बनाया जाएगा. शिक्षक की पहल, कार्य की विशिष्टता, उसके प्रभाव और भविष्य में बेहतर कार्य करने की क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी.
कमजोर विद्यार्थियों के लिए पहल को मिलेगा महत्व
चयन प्रक्रिया में विद्यार्थियों के सीखने में सुधार के लिए किए गए प्रयासों को खास महत्व दिया जाएगा. कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष पहल, बेहतर कक्षा संचालन और विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में सुधार जैसे कार्य भी मूल्यांकन का हिस्सा होंगे. इसके साथ ही स्वच्छता, अनुशासन, विद्यार्थियों की उपस्थिति और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने वाले प्रयासों को भी देखा जाएगा.
नवाचार और डिजिटल कंटेंट पर भी रहेगा जोर
शिक्षा विभाग की योजनाओं में सक्रिय योगदान, प्रशिक्षण और मेंटरिंग के साथ नवाचार को भी चयन का आधार बनाया जाएगा. बेहतर शिक्षण पद्धति, टीएलएम, डिजिटल कंटेंट, विज्ञान एवं नवाचार से जुड़े कार्य करने वाले शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकता है. खेल, योग, कला, संगीत, नृत्य और लेखन के क्षेत्र में विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने वाले प्रयासों को भी महत्व दिया जाएगा.
नेतृत्व क्षमता भी बनेगी चयन का आधार
विद्यालय में नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक बदलाव लाने वाले शिक्षकों को भी चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी. ऐसे शिक्षक जिन्होंने अपने प्रयासों से विद्यार्थियों, विद्यालय या समुदाय पर प्रभाव डाला है, उनके कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा. यानी सिर्फ नियमित पढ़ाई कराने के बजाय शिक्षा के क्षेत्र में अतिरिक्त योगदान देने वाले शिक्षकों पर फोकस रहेगा.
उपलब्धियों के साथ देना होगा प्रमाण
नामांकन करने वाले शिक्षक की उपलब्धियों के साथ कम से कम एक विश्वसनीय प्रमाण देना अनिवार्य होगा. इसके लिए प्रमाण-पत्र, प्रशंसा-पत्र, विद्यार्थियों का कार्य, मूल्यांकन से जुड़े आंकड़े, कार्यक्रम के प्रमाण, फोटो, डिजिटल कंटेंट, लिंक या नवाचार से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं. उपलब्ध कराए गए प्रमाणों के आधार पर शिक्षक के दावे का मूल्यांकन किया जाएगा.
जिला स्तर पर होगा नामांकन का मूल्यांकन
जिला शिक्षा कार्यालय को प्राप्त नामांकनों का निर्धारित मापदंड के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर उपलब्धियों और प्रमाण-साक्ष्यों का सत्यापन भी कराया जाएगा. इससे चयन प्रक्रिया में शिक्षक के वास्तविक कार्य और उसके प्रभाव को परखा जा सकेगा.
चयन समिति करेगी अंतिम मूल्यांकन
जिला स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षक चयन के लिए समिति का गठन किया जाएगा. इसमें जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पीएम पोषण योजना, प्राचार्य डायट और गुणवत्ता शिक्षा के प्रभारी समेत अन्य विशेषज्ञों को शामिल किया जा सकता है. समिति आवश्यकता के अनुसार अभ्यर्थियों से संक्षिप्त संवाद या प्रस्तुतीकरण भी करा सकती है.
26 अगस्त तक भेजना होगा नामांकन
प्रखंड स्तर से चयनित शिक्षकों के नाम निर्धारित प्रपत्र और प्रमाण-साक्ष्य के साथ 26 अगस्त तक जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराने हैं. इसके बाद जिला स्तर पर प्राप्त नामांकनों की जांच और मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों को अलग पहचान मिलने का रास्ता साफ होगा.
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