सीवान : दो कमरों में 44 बच्चे और सात शिक्षक, हसनपुरा के इस स्कूल में संसाधनों की कमी

Hasanpura Primary School : सीवान के हसनपुरा प्रखंड क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की दयनीय स्थिति उजागर हुई है. आंदर प्रखंड के दोआयं स्थित प्राथमिक विद्यालय में 44 बच्चों की पढ़ाई केवल दो कमरों में चल रही है. सात शिक्षक होने के बावजूद, सीमित स्थान और अन्य सुविधाओं की कमी बच्चों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है.

Hasanpura Primary School : सीवान के हसनपुरा प्रखंड क्षेत्र में सरकारी विद्यालयों में संसाधनों की स्थिति की तस्वीर सामने आई है. आंदर प्रखंड के दोआयं स्थित प्राथमिक विद्यालय में 44 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई महज दो कमरों में चल रही है. विद्यालय में सात शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन कक्षों की संख्या सीमित है. स्कूल में म्यूजिक सिस्टम सहित कुछ अन्य सुविधाओं का भी अभाव है. ऐसे में भवन और संसाधनों को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है.

दो कमरों में चल रही 44 बच्चों की पढ़ाई

दोआयं स्थित प्राथमिक विद्यालय में कुल 44 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. इन बच्चों के पठन-पाठन की व्यवस्था सिर्फ दो कमरों में की जा रही है. सीमित कमरों के कारण विद्यालय में उपलब्ध भौतिक संसाधनों की स्थिति सामने आती है. कक्षों की संख्या बढ़ने से बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक सुविधाजनक माहौल मिल सकता है.

सात शिक्षक संभाल रहे बच्चों की पढ़ाई

विद्यालय में प्रधान शिक्षक सुनील कुमार पासवान समेत कुल सात शिक्षक कार्यरत हैं. संध्या कुमारी नियोजित शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं. वहीं सीमा सिंह, नीता सिंह, रामावती देवी, प्रेम शीला कुमारी और संजय सिंह विशिष्ट शिक्षक के रूप में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं. इस तरह 44 विद्यार्थियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी सात शिक्षकों पर है.

शिक्षक पर्याप्त, लेकिन कमरों की कमी बनी चुनौती

विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर है, लेकिन दो ही कमरों में कक्षाएं संचालित होने से भौतिक संसाधनों की कमी महसूस होती है. ग्रामीण क्षेत्र के इस विद्यालय में शिक्षक नियमित रूप से बच्चों की पढ़ाई कराने में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. हालांकि, पर्याप्त कक्ष उपलब्ध होने से शिक्षण व्यवस्था को और बेहतर किया जा सकता है.

म्यूजिक सिस्टम की सुविधा भी नहीं

विद्यालय में अभी तक म्यूजिक सिस्टम उपलब्ध नहीं हो सका है. इससे स्कूल में होने वाली विभिन्न गतिविधियों और बच्चों के लिए आयोजित कार्यक्रमों में भी परेशानी हो सकती है. स्थानीय स्तर पर विद्यालय भवन के साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत बताई जा रही है.

बेहतर भवन से पढ़ाई का माहौल होगा मजबूत

विद्यालय में कक्षों की संख्या बढ़ने से बच्चों के लिए पर्याप्त और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध हो सकेगा. इससे अलग-अलग कक्षाओं के संचालन में भी सहूलियत होगी. ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है.

जल्द सुविधाएं मजबूत करने का आश्वासन

इस संबंध में प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी चितरंजन राव ने बताया कि विद्यालय की सुविधाओं को शीघ्र सुदृढ़ किया जाएगा. वहीं बच्चों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की अधिक संख्या को लेकर उन्होंने कहा कि यह समस्या पूरे जिले में है.

Also Read : सीवान के सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका, सीआरसीसी को मिला नया टास्क, जानें नया नियम


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By उमाशंकर राम

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >