24 घंटे में 188 एमएम हुई बारिश

तेज हवा व बारिश के लिये विख्यात हथिया नक्षत्र ने तबाही मचा रखी है. पिछले 24 घण्टे में जिले में 188.25 एमएम बारिश हुई है. मूसलाधार बारिश ने शहर से लगायत ग्रामीण क्षेत्रो को काफी प्रभावित किया है. शहर के कई मुहल्ले जलमग्न हो गये है. कई घरों में पानी घुस गया है.

सीवान. तेज हवा व बारिश के लिये विख्यात हथिया नक्षत्र ने तबाही मचा रखी है. पिछले 24 घण्टे में जिले में 188.25 एमएम बारिश हुई है. मूसलाधार बारिश ने शहर से लगायत ग्रामीण क्षेत्रो को काफी प्रभावित किया है. शहर के कई मुहल्ले जलमग्न हो गये है. कई घरों में पानी घुस गया है. शहर की कई सड़के भी शनिवार को जलमग्न दिखी. वही दूसरी ओर बिजली की व्यवस्था भी चरमरा गई. कई प्रखंडों में 33 हजार से लेकर 240 वोल्ट के तार व पोल क्षतिग्रस्त हो गाए. कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक महाराजगंज प्रखंड में 324.6 एमएम बारिश हुई, जबकि सबसे कम हसनपुरा प्रखंड में 130.4 एमएम बारिश हुई है. मौसम विभाग की बातों पर गौर करें तो मौसम के ये हालात 6 अक्टूबर तक रहने का पूर्वानुमान है. बारिश ने खोल दी नगर पंचायत की पोल माना जाता है कि सितंबर महीने के बाद से बारिश की रफ्तार कम हो जाती है. परन्तु अक्टूबर के चार दिनों में हुई बारिश ने नगर परिषद के ड्रेनेज सिस्टम की एक बार फिर पोल खोलकर रख दिया है. प्रतिवर्ष ड्रेनेज सिस्टम के नाम पर करोड़ो रूपये खर्च करने वाले नगर परिषद का नाला ओवर फ्लो हो गया, लिहाज गली मुहल्लों से पानी की निकासी की बजाय लोगों के घरों में घुसना शुरू कर दिया. महावीरपुरम मुहल्ला में कई लोगों के घरों में एक से लेकर ढाई फुट तक पानी घुस गया. प्रखंडवार बारिश का आंकड़ा- कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आंदर प्रखंड में 161.6 एमएम, बड़हरिया में 148.4, बसंतपुर में 152.6, भगवानपुर हाट में 166.4 व दरौली प्रखंड में 140.2 एमएम बारिश हुई है. इसी तरह दरौंदा प्रखंड में 220.4 एमएम, गोरेयाकोठी में 280.4, गुठनी में 142.6, हसनपुर में 130.4, हुसैनगंज में 146.6, लकड़ी नबीगंज में 132.0, महराजगंज में 324.6, मैरवा में 222.2, नौतन में 185.8, पचरुखी में 240.8, रघुनाथपुर में 238.6, सिसवन में 226.4, सिवान सदर में 140.0 व जीरादेई प्रखंड में 225.0 एमएम बारिश हुई है. अक्टूबर माह में होने वाली बारिश के आंकड़ों पर नज़र डालें तो इस माह औसतन वर्षापात 48.30 एमएम होता है, जबकि चार दिनों में अर्थात 1 से 4 अक्टूबर तक 214.80 यानी 346 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है. माना जा रहा है कि इस बारिश से निचले इलाके में लगी धान की फसल को थोड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. सितम्बर महीने में 27 फीसदी कम हुई थी बारिश- कृषि विभाग के आंकड़ों पर नज़र डालें तो सितम्बर महीने में सामान्य से 27.71 फीसदी कम बारिश हुई थी. सितम्बर महीने में कुल 219.20 एमएम की जगह 158.5 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 27.71 फीसदी कम थी.

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Author: DEEPAK MISHRA

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