सीवान : अब एएनएम भी तकनीक से लैस होंगी. इनके हाथों में टेबलेट होगा और वह इसे चलाती नजर आयेंगी. स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम करने वाली एएनएम को हाइटेक किया गया है.
इसके लिए जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत चल रहे सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कार्यरत एएनएम के बीच टैब का वितरण किया गया है. सिविल सर्जन डॉ आषेश कुमार ने गुरुवार को जिले के 12 एएनएम के बीच टैब का वितरण किया.
इस टेबलेट में एनसीडी सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्य किया जाना है. जिसमें कैंसर ब्लड प्रेशर शूगर मानसिक रोगी तथा हाइपरटेंशन आदि का विवरण होगा. जबकि आइडीएसपी सॉफ्टवेयर में कुष्ठ रोगी मलेरिया टाइफाइड डेंगू आदि रोगों का विवरण उपलब्ध रहेगा.
इन स्थानों पर चल रहा है हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
सीवान जिले के विभिन्न प्रखंडों के 12 स्थानों पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का संचालन किया जा रहा है. पकवलिया, पलटूहटा, सिसई, करहानू, मदारपुर, तीलमापुर,चैनपुर, लक्ष्मीपुर, महादेवा, नारेंद्रपुर, हसुआ, जगदीशपुर में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर चल रहा है.
रजिस्टर संभालने से मिलेगी मुक्ति
स्वास्थ्य योजनाओं की गांव में क्या-क्या प्रगति हो रही है इसकी एक रिपोर्ट एएनएम बनाती है. इस पूरी रिपोर्ट को एक रजिस्टर में दर्ज कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में समय लगता है. अब ऐसा कुछ नहीं होगा. ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत अब सारी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध रहेगी. टेबलेट में ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफ लाइन डाटा दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है.
हर जानकारी होगी टेबलेट में दर्ज
यह योजना जो ब्लड प्रेशर, शूगर तथा कैंसर जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं. हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों पर उनका फैमिली फोल्डर रहेगा. जन आरोग्य प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों में उसके पोषक क्षेत्र के परिवारों की फैमिली फोल्डर तैयार की जायेगी और रखा जायेगा.
आशा बनायेंगी फैमिली हेल्थ फोल्डर :
समुदाय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर क्षेत्र के सभी लोगों का सर्वेक्षण किया जाना है. सभी परिवारों के लिए फैमिली हेल्थ फोल्डर विकसित किया जायेगा, जिसमें 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी स्त्री-पुरुष का सीबैंक (कम्युनिटी बेस्ड असेसमेंट चेकलिस्ट) फार्म के जरिये गैर संचारी रोगों हेतु रिस्क असेसमेंट किया जायेगा.
सभी एएनएम को दिया गया प्रशिक्षण :
एएनएम को टैब में किस तरह से मरीजों की रिपोर्ट को अपलोड करना है, इसका प्रशिक्षण दिया गया. ट्रेनर सह जिला स्वास्थ्य समिति के एमएनइ मो. शम्स तबरेज के द्वारा सभी एएनएम को एनसीडी एप के बारे में विस्तार से बताया गया.
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि अगर परिवार में किसी को उच्च रक्तचाप, मधुमेह, यक्ष्मा (टीबी) या कैंसर हुआ है, तो उस घर के युवकों के स्वास्थ्य की जांच की जायेगी. प्रशिक्षित आशा को एक सी-बैंक फॉर्मेट दिया जायेगा, जिसे वह भरेंगी.
