कंपनी के 30 कर्मी हुए निलंबित

सीवान :सरकारी एंबुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी पशुपतिनाथ डिस्ट्रीब्यूशन प्राइवेट लिमिटेड एवं सम्मान फाउंडेशन ने सीवान जिले के सात सरकारी एंबुलेंस के 30 कर्मचारियों को गलत फ्यूल रिफिलिंग का आरोप लगाकर निलंबित कर दिया है. सात एंबुलेंस में तीन ग्रामीण क्षेत्रों तथा चार सदर अस्पताल के एंबुलेंस शामिल हैं. कंपनी ने साम एंबुलेंस के […]

सीवान :सरकारी एंबुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी पशुपतिनाथ डिस्ट्रीब्यूशन प्राइवेट लिमिटेड एवं सम्मान फाउंडेशन ने सीवान जिले के सात सरकारी एंबुलेंस के 30 कर्मचारियों को गलत फ्यूल रिफिलिंग का आरोप लगाकर निलंबित कर दिया है. सात एंबुलेंस में तीन ग्रामीण क्षेत्रों तथा चार सदर अस्पताल के एंबुलेंस शामिल हैं. कंपनी ने साम एंबुलेंस के 15 चालक एवं 15 इएमटी पर करीब दो लाख एक हजार 717 रुपये का गलत रिफलिंग करने का आरोप लगाया है.

कंपनी का कहना है कि तेल कंपनी ने जनवरी से फ्यूल कार्ड का लिमिटेड सॉफ्टवेयर की गलती से बढ़ गया था. इसका लाभ उठाकर कर्मचारियों ने एक बार की जगह दो-दो बार गलत रिफलिंग कर कंपनी काे चुना लगाने का काम किया है. सभी गलत रिफिलिंग सीवान जिले के सिसईं स्थित वर्द्धन पेट्रोल पंप से हुई है. कर्मचारियों का कहना है कि जब नेटवर्क समस्या होने पर पंप द्वारा तेल नहीं दिया जा रहा था तो एसीओ को उन्होंने फोन किया है.
उनके कहने पर हमलोग तेल लेने के बाद फ्यूल कार्ड को छोड़ गाड़ी लेकर चले गये. जब फ्यूल कार्ड छोड़ा गया उसी दौरान तीन से चार सेकेंड में गलत रिफिलिंग की गयी है. गलत ढंग से रिफिलिंग कुछ मिनट बाद भी हुई है. कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी द्वारा जबर्दस्ती अपराध स्वीकार करने का दबाव बनाया जा रहा है. अगर हमलोग ऐसा नहीं करते हैं तो कंपनी के पदाधिकारी हटाने की बात कर रहे हैं.
पेट्रोल पंप व कंपनी के फ्यूल विभाग के कर्मचारी भी संदेह के घेरे में : फ्यूल कार्ड से जिस प्रकार तेल लेने की प्रक्रिया है उस प्रक्रिया गलत फ्यूल रिफिलिंग मामले में पीडीपीएल एवं सम्मान फाउंडेशन के कर्मचारी व पेट्रोल पंप के कर्मचारी भी संदेह के घेरे में आ रहे हैं.
एंबुलेंस संचालन करने वाली कंपनी के वरीय पदाधिकारी मामले में एफआइआर दर्ज करने की जगह चालकों एवं इएमटी पर जबर्दस्ती कार्रवाई कर मामले की लीपापोती करना चाहते हैं. चालकों का कहना है कि उन्हें कंपनी का आदेश था कि सीवान जिले के सिसईं गांव स्थित वर्द्धन पेट्रोल पंप से ही तेल लेना है. दूसरा जब उन्हें तेल लेना होता था तो पहले फ्यूल डिपार्टमेंट में फोन करते थे. फोन करने के बाद उनकी गाड़ी का किलोमीटर पूछा जाता था.
उसके बाद कार्ड रिचार्ज होने के बाद वे पांच मिनट बाद ही तेल फिलिंग करा पाते थे. इस परिस्थिति में दो बार कार्ड में कैसे पैसे आ गये. अगर तेल कंपनी की बात मानें की जनवरी से कार्ड का लिमिट नहीं था तो कार्ड को फोन कर क्यों रिचार्ज कराना पड़ता था़ कर्मचारियों का कहना है कि कार्ड रिचार्ज होने के तुरंत बाद चेक करने पर तेल नहीं मिलता था. उन्हें पांच मिनट बाद ही कार्ड से तेल मिलता था.

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