इकबाल हत्याकांड में आजीवन कारावास

सीवान : इकबाल हत्याकांड में सद्दाम को दोषी पाते हुए एडीजे चार रामायण राम की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाया है. 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर अतिरिक्त तीन माह की सजा काटनी होगी. बताते चलें कि भगवानपुर थाना के पानी वाह निवासी इमामुद्दीन मियां की […]

सीवान : इकबाल हत्याकांड में सद्दाम को दोषी पाते हुए एडीजे चार रामायण राम की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाया है. 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर अतिरिक्त तीन माह की सजा काटनी होगी. बताते चलें कि भगवानपुर थाना के पानी वाह निवासी इमामुद्दीन मियां की पत्नी हबिबुन ने अपने बयान में कहा था कि सात फरवरी 2015 को पुलिस ने गांव के बाहर सरसों के खेत से एक सिर कटी लाश बरामद की थी. जिसकी पहचान उसके कपड़ा से इकबाल अंसारी 18 वर्ष के रूप में हुई थी. उसने अपने आवेदन में कही है कि मेरा लड़का इकबाल अंसारी दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था.

तीन फरवरी 2015 को दिल्ली से आया था. उसके बाद ननिहाल चला गया था. ननिहाल से लौटने के बाद जब घर आया तो गांव का ही सद्दाम हुसैन उसे बहला फुसला कर गांव से कहीं ले गया. दूसरे दिन जब वह घर नहीं आया तब सद्दाम हुसैन से पता करने पर बताने से साफ इन्कार कर दिया. खोजबीन करने के बाद पुलिस को सरसों के खेत से सिर कटी लाश बरामद हुई थी. घटना का कारण पुरानी रंजिश बताया जा रहा था.
इस मामले में अभियोजन के तरफ से लोक अभियोजक हरेंद्र सिंह, बचाव के तरफ से अरुण कुमार पांडे दोनों पक्षों का बहुत सुनने के बाद कोर्ट ने सद्दाम हुसैन को हत्या के मामले में दोषी पाया है. कोर्ट ने भादवि की धारा 302 में आजीवन कारावास व दस हजार रुपया जुर्माना तथा 201 में तीन वर्ष की सजा, पांच हजार रुपये का जुर्माना किया है. सद्दाम घटना के समय से ही जेल में बंद है.

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