सीवान : फास्ट ट्रैक कोर्ट दो सरोज कुमार श्रीवास्तव की अदालत में अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना रईश खान की भागलपुर केंद्रीय कारा से पेशी कराया गया. पुलिस पर हैंड ग्रेनेड से जानलेवा हमला के मामले में अभियोजन के तरफ से साक्ष्य देना था. लेकिन अभियोजन द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया. दूसरी तरफ रईश खान के अधिवक्ता इष्टदेव तिवारी ने एक आवेदन देकर कोर्ट से आग्रह किया है कि रईश मधुमेह रोग से ग्रसित है.
अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना रईस खान की कोर्ट में हुई पेशी
सीवान : फास्ट ट्रैक कोर्ट दो सरोज कुमार श्रीवास्तव की अदालत में अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना रईश खान की भागलपुर केंद्रीय कारा से पेशी कराया गया. पुलिस पर हैंड ग्रेनेड से जानलेवा हमला के मामले में अभियोजन के तरफ से साक्ष्य देना था. लेकिन अभियोजन द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया. दूसरी तरफ रईश खान […]

व्यवहार न्यायालय सीवान व छपरा में इस पर दर्जनों मुकदमा लंबित है. जो साक्ष्य, बयान व निर्णय के लिये लंबित है. भागलपुर से आने में 12 घंटा लग जाता है. ऐसी स्थिति में मेरा मोवकिल बीमार होने के कागार पर है. कोर्ट से उन्होंने आग्रह किया है कि रईश खान को छपरा मंडल कारा में रखा जाये. जहां से मुकदमा के निष्पादन में आसानी हो सके.
बताते चले कि 28 मई 2016 को एसआइटी के पुअनि आशिष कुमार मिश्रा को तत्कालीन एसपी सौरभ कुमार साह ने निर्देश दिया था कि कुख्यात अपराधी रईश खान अत्याधुनिक हथियार से लैस हो कर अपने गांव के बगीचा में अपने साथियों के साथ ठहरा है. इसी दौरान पुलिस दस्ता रईश को गिरफ्तार करने के लिये बगीचे का घेरा बंदी किया. अपराधी घेराबंदी देख कर पुलिस बल पर फायरिंग कर दिया. एक अपराधी अफताब मियां जो सारण जिला के तरैया थाना के शहनवाज पुर का रहने वाला है.
उसने हेंड ग्रेनेड निकाल कर पुलिस पर हमला करने ही वाला था कि पुलिस ने उसे धर दबोचा. पुलिस ने मौके से रईश खान, एकलाख मियां को भी गिरफ्तार किया था. जबकि राजा, बबलू सांईं, दिलीप गिरि, हजरत शाह व ईश महम्मद भागने में कामयाब हो गये थे. फास्ट ट्रैक कोर्ट में रईश खान, आफताब आलम, अब्दुलाह, ईश मोहम्मद के खिलाफ 10 सिंतबर 2018 को आरोप गठित किया गया है. जो साक्ष्य के लिए चल रहा है.