12 हजार रक्त नमूनों की जांच में 123 फाइलेरिया संक्रमित

. राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत माइक्रो फाइलेरिया की दर जानने के लिए 14 से 20 अक्टूबर तक हुए नाइट ब्लड सर्वे किया गया. सर्वे के अनुसार जिले का माइक्रो फाइलेरिया रेट 1.025 है. सर्वे में 12000 लोगों का का रक्त संग्रह करने के बाद रक्त के नमूने की जांच की गयी थी.जांच में लगभग 123 व्यक्ति माइक्रो फाइलेरिया से संक्रमित पाए गये है.

प्रतिनिधि,सीवान. राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत माइक्रो फाइलेरिया की दर जानने के लिए 14 से 20 अक्टूबर तक हुए नाइट ब्लड सर्वे किया गया. सर्वे के अनुसार जिले का माइक्रो फाइलेरिया रेट 1.025 है. सर्वे में 12000 लोगों का का रक्त संग्रह करने के बाद रक्त के नमूने की जांच की गयी थी.जांच में लगभग 123 व्यक्ति माइक्रो फाइलेरिया से संक्रमित पाए गये है. एक प्रतिशत से अधिक माइक्रो फाइलेरिया रेट होने के कारण 10 फरवरी से पूरे जिले में सर्वजन दवा सेवन अभियान का संचालन किया जाएगा. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश लाल ने कहा कि फाइलेरिया को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है. हाथीपांव जैसी लाइलाज बीमारी के उन्मूलन के लिए हेल्थ पार्टनर के सहयोग द्वारा सामुदायिक स्तर पर सहयोग किया जा रहा है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों के अलावा शहरी क्षेत्रों में नाइट ब्लड सर्वे के दौरान सेंटिनल साइट पर 6000 जबकि रैंडम साइट पर 6000 लोगों का रक्त संग्रह किया गया था. जिसके बाद दोनों साइट से लगभग 123 व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित मिले.उन्होंने बताया कि आंदर प्रखंड 06, बड़हरिया में 06, बसंतपुर में 09, भगवानपुर में 05, दरौली में 07, दारौंदा में 07, गोरेयाकोठी में 07, गुठनी में 03, हसनपुरा में 06, हुसैनगंज में 05, लकड़ी नबीगंज में 07, महाराजगंज में 05, मैरवा में 06, नौतन में 06, पचरुखी में 04, रघुनाथपुर में 14, सिसवन में 04, सीवान ग्रामीण में 05 जबकि सीवान शहरी क्षेत्र में 05 के अलावा जीरादेई में 09 लोगों को संक्रमित होने की पुष्टि लैब टेक्नीशियन द्वारा जांच के बाद किया गया है. अब आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के रूप में कार्यरत आंगनबाड़ी सेविका और आशा के माध्यम से फाइलेरिया उन्मूलन की दवा के रूप में अल्बेंडाजोल और डीइसी का सेवन कराया जाएगा. इस दौरान 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी. बोले अधिकारी पिछले माह हुए नाइट ब्लड सर्वे के दौरान लगभग 123 लोगों में माइक्रो फाइलेरिया पाया गया. कंफर्मेशन जांच के लिए स्लाइड को पटना भेजा जायेगा.रिपोर्ट आने के बाद संक्रमित लोगों को एक एलबेंडाजोल एवं 12 दिनों तक डीइसी की दवा खिलायी जायेगी. डॉ ओम प्रकाश लाल,जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी,सीवान

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Author: DEEPAK MISHRA

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