सीवान : एडीजे वन विनोद कुमार शुक्ला की अदालत में नाबालिग के अपहरण से जुड़े मामले में अभियुक्त रामसूरत चौहान को पांच साल कारावास की सजा दी है. अदालत ने अभियुक्त पर पांच हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. मुफस्सिल थाना अंतर्गत धनौती ओपी निवासी दिनेश्वर बैठक की पुत्री 21 मई 2013 की रात्रि में अपने परिवार के साथ सोई हुई थी. रात्रि के अंतिम पहर में वह अपने घर से गायब मिली. दूसरे दिन गांव के लोगों ने बताया कि उसी का पड़ोसी रामसूरत चौहान के साथ उसकी नाबालिग लड़की को देखा गया था.
दिनेश्वर बैठा की पत्नी किशोरी देवी ने शादी के नियत से अपनी नाबालिग पुत्री का अपहरण करने का मामला बनाते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था. मामले में अभियोजन की ओर से लल्लन राम ने बहस किया. अदालत ने मामले के नामजद दूसरे अभियुक्त मोतीलाल चौहान को सबूत के अभाव में रिहा करने का आदेश पारित कर दिया.
