Siwan News : जिले के 114 विद्यालयों के पास नहीं है अपनी भूमि, शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट

जिले में संचालित 2039 प्रारंभिक विद्यालयों (कक्षा एक से आठ) में से 114 विद्यालय ऐसे हैं, जिनके पास अपनी भूमि नहीं है. इन विद्यालयों में से 48 को पहले ही पास के विद्यालय में विलय किया जा चुका है. वहीं शेष 66 विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों में शिफ्ट कर दिया गया है.

सीवान. जिले में संचालित 2039 प्रारंभिक विद्यालयों (कक्षा एक से आठ) में से 114 विद्यालय ऐसे हैं, जिनके पास अपनी भूमि नहीं है. इन विद्यालयों में से 48 को पहले ही पास के विद्यालय में विलय किया जा चुका है. वहीं शेष 66 विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों में शिफ्ट कर दिया गया है. अब राज्य कार्यालय ने इन 48 मर्ज और 66 शिफ्ट किये गये विद्यालयों से संबंधित भूमि विवरण की जानकारी मांगी है. इस संबंध में निदेशक, प्राथमिक शिक्षा सहिला ने डीइओ से उक्त सभी विद्यालयों की भूमि स्थिति पर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. राज्य कार्यालय की इस पहल से उन विद्यालयों के दोबारा स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में आने की उम्मीद जगी है, जो पहले विलय या शिफ्ट हो चुके हैं. इएफइ संभाग प्रभारी सुरेश राम ने बताया कि जिले में पहले से 48 मर्ज विद्यालयों के अलावा 88 अन्य विद्यालय भी ऐसे हैं जिनके पास अपनी भूमि नहीं है. इनमें से 15 विद्यालयों को भूमि उपलब्ध करायी जा चुकी है, जबकि शेष 66 विद्यालयों के पास अब भी भूमि उपलब्ध नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि जो 48 विद्यालय पहले विलय किये गये हैं, वे सभी नवसृजित प्राथमिक विद्यालय हैं. राज्य स्तर पर कुल 3440 प्राथमिक और मध्य विद्यालय ऐसे हैं, जिनके पास भूमि नहीं होने के कारण उन्हें पास के किसी अन्य विद्यालय में मर्ज किया गया है. इसी क्रम में राज्य कार्यालय द्वारा मांगी गयी जानकारी के आलोक में डीइओ रजनीश कुमार झा ने बीइओ को निर्देश दिया है कि 27 जून तक सभी संबंधित विद्यालयों की भूमि स्थिति की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं.

समीक्षा बैठक में उठता रहा है मुद्दा

भूमिहीन विद्यालयों के संबंध में शिक्षा विभाग की माहवारी समीक्षा बैठक में मुद्दा उठता रहा है. डीएम स्तर से सभी बीइओ को निर्देश दिया जाता रहा है कि वे स्थानीय सी से समन्वय स्थापित कर भूमि के खोज की दिशा में प्रयास जारी रखें.

इन विद्यालयों का हो चुका है विलय

भूमि के अभाव में जिन विद्यालयों का विलय हो चुका है उसमें महाराजगंज प्रखंड के उमाशंकर प्रसाद प्रावि महाराजगंज, एनपीएस हजपुरवा कोइरी टोला, धाुनक टोला गोहपुर, हरकेशपुर दक्षिण टोला, गिरि टोला तक्कीपुर, धनौती टोला तक्कीपुर, चकमहमदा कुशव व एनपीएस साारंगपुर चरवां के टोला शामिल हैं. जबकि गुठनी प्रखंड के एनपीएस कल्याणी, सोनहुला तिवारी टोला, खाप जतौर व एनपीएस सोहगरा पूरब पट्टी, बसंतपुर प्रखंड के सिपाह अनुसूचित जाति के टोला, सीवान सदर प्रखंड के प्रावि कागजी मुहल्ला, एनपीएस नया किला, प्रावि रामेशवरी संस्कृत, एनपीएस पचलखी पाांडे टोला, पचलखी कोइरी टोला, लकड़ी मकरियार, मकड़ी मकरियार व सरावें छावनी टोला, बड़हिरया प्रखंड के एनपीएस जखारी हाता, जाहली टोला, बिनटोली विशुनपुरा व एनपीएस बलुआ टोला, हुसैनगंज प्रखंड के प्रावि पश्चित टोला चांप, कुतुब छपरा उर्दू कन्या व प्रावि कन्या गोपालपुर उर्दू शामिल हैं. इसी प्रकार गोरेयाकोठी प्रखंड के एनपीएस नियामतपुर, जगदीशपुर, गंगाहाता, हिरिहरपुर कला स्थान, सरारी पश्चिम टोला, सरारी दक्षिण टोला, सरेया बरवाडीह व एनपीएस दुबे टोला आज्ञा, जीरादेई प्रखंड के एनपीएस पूर्वांचल टोला व बेलवासा मठियां, रघुुनाथपुर प्रखंड के एनपीएस बिन टोला आदमपुर व मियां के पोखरी, नौतन प्रखंड के एनपीएस अंगौता टोला, डोमटोली रामगढ, बलुआर व चफंवा, दरौंदा प्रखंड के एनपीएस धनौती घोबी टोला व कोरारी खुर्द धेबी टोला शामिल हैं.

वर्जन-

विलय हुए 48 व शिफ्ट हुए 66 विद्यालयों की भूमि से संबंधित जानकारी सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से 27 जून तक देने का निर्देश दिया गया है. इन विद्यालयों की भूमि उपलब्ध होने के बाद भवन निर्माण की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.

रजनीश कुमार झा, डीइओ

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