बदहाल जल निकासी: गौशाला रोड पर बारहमासी जलजमाव से लोग हलकान, 4 साल से योजना अधर में

सीतामढ़ी के गौशाला रोड पर सालों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। ड्रेनेज सिस्टम के अभाव में राहगीरों और दुकानदारों का जीना मुहाल हो गया है।

Sitamarhi Waterlogging Issue: शहर के महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मार्गों में शामिल गौशाला रोड की तस्वीर नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल रही है. प्राचीन सीतामढ़ी गौशाला के मुख्य द्वार के समीप सड़क पर वर्षों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है. बारिश के दिनों में स्थिति नारकीय हो जाती है, जबकि सूखे मौसम में भी यहां बारहमासी गंदा पानी जमा रहता है.

दर्जनों प्राचीन मंदिरों और महत्वपूर्ण मार्गों का संपर्क पथ

यह मार्ग धार्मिक और यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है:

  • मंदिरों का केंद्र: जलजमाव वाले स्थल से आधा किमी के दायरे में अति प्राचीन रजत द्वार जानकी मंदिर, हनुमान मंदिर समेत दर्जनभर प्राचीन मंदिर हैं.
  • चारों दिशाओं से जुड़ाव: यह सड़क बाइपास रिंग रोड, जिला मुख्यालय डुमरा, जानकी जन्मभूमि पुनौरा धाम और खैरवा रोड (रीगा मिल चौक) को जोड़ती है.

4 साल से अटका है स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम

स्थानीय वार्ड पार्षद सुरेंद्र प्रसाद साह और व्यवसायियों का कहना है कि बैठकों में मुद्दा उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ. वहीं नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि नाला निर्माण के बिना स्थायी समाधान मुश्किल है. बुडको (BUIDCO) की शिथिलता के कारण बीते चार वर्षों से स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम योजना अटकी पड़ी है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों और पर्यटकों को भुगतना पड़ रहा है.

ये भी पढ़ें: बदला मौसम का मिजाज: सावन के सोमवार को हुई बारिश, अगले 4-5 दिनों तक जारी रहेगा धूप-छांव का दौर


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By रतिकांत झा

रतिकांत पिछले करीब 17 वर्षों से पत्रकारिता में निरंतर कार्यरत हैं. उन्हें राजनीति, धर्म-अध्यात्म, पर्व-त्योहार, अपराध, सामाजिक सरोकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं जैसे बहुआयामी विषयों पर लगातार सटीक रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव प्राप्त है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >