महिला शिक्षकों की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए शिक्षकों व कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन

जिला मुख्यालय स्थित राम सेवक सिंह महिला महाविद्यालय में विगत कुछ समय से महिला शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर कॉलेज के शिक्षक एवं कर्मचारियों ने बुधवार को कॉलेज परिसर में सांकेतिक धरना दिया.

सीतामढ़ी. जिला मुख्यालय स्थित राम सेवक सिंह महिला महाविद्यालय में विगत कुछ समय से महिला शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर कॉलेज के शिक्षक एवं कर्मचारियों ने बुधवार को कॉलेज परिसर में सांकेतिक धरना दिया. धरना देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने बताया कि महाविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है. गैर-कानूनी रूप से कार्यरत पुरुष कर्मचारियों की अनुशासनहीनता, तथाकथित छात्र नेताओं की दखलअंदाजी और कॉलेज प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में उक्त प्रदर्शन किया गया और दोपहर तक कार्य बहिष्कार किया गया. हालांकि, दोपहर 12.00 बजे से कॉेलज की शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो गयी. बताया गया कि कॉलेज में सुरक्षा गार्ड का पूर्ण अभाव है, जिससे कोई भी बाहरी व्यक्ति जब चाहे, कॉलेज में घुस सकता है और इससे परिसर असुरक्षित है. वहीं, कॉलेज में 25 से अधिक दैनिक गैर-वेतनभोगी पुरुष कर्मचारी वर्षों से कार्यरत हैं, जिनकी न तो वैध नियुक्ति हुई है, न ही कोई पुलिस सत्यापन. इनमें से कुछ द्वारा महिला स्टाफ के साथ बार-बार दुर्व्यवहार किया गया, जिनमें विकास कुमार और उदय कुमार के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं. बताया कि एक तथाकथित छात्र नेता आयुष उर्फ बिकाऊ साहनी द्वारा लगातार महिला सहायक प्राध्यापकों को फोन कॉल, धमकी एवं दवाब द्वारा परेशान किया जा रहा है. 22 जुलाई को उक्त छात्र नेता ने कॉलेज में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर चार महिला सहायक प्राध्यापकों को शाम 4:30 बजे के बाद लगभग 40 मिनट तक रोके रखा, जो महिला गरिमा और कार्यस्थल की मर्यादा पर सीधा आघात है. कॉलेज प्रशासन, विशेषकर प्राचार्य इन सभी घटनाओं की जानकारी होने के बावजूद न तो कभी कॉलेज आकर स्थिति का जायजा लिया और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की. सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर शेष दिन का कार्य किया.

— प्रशासन से मांग

प्रदर्शनकारी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बाद में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को एक गंभीर शिकायत पत्र सौंपा, जिसमें उपरोक्त चिन्हित तत्वों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, कॉलेज में स्थायी एवं प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति करने, गैर-कानूनी कर्मचारियों का सत्यापन कराने व अवैध रूप से कार्यरत व्यक्तियों को हटाने की मांग की गयी. बाहरी एवं छात्र नेताओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, कॉलेज प्रशासन की भूमिका की स्वतंत्र जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की गयी. बताया कि यह विरोध किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि महिला गरिमा, सुरक्षा और शिक्षकीय सम्मान की रक्षा के लिए है. यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गयी, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है. धरना पर प्रो डॉ अर्पणा कुमारी व प्रो आरती कुमारी समेत कई शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हुए.

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Author: VINAY PANDEY

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