SSB जवानों ने मैदान में दिखाया दम, रोमांचक फाइनल जीतकर 71वीं वाहिनी ने ट्रॉफी पर जमाया कब्जा

सीतामढ़ी में एसएसबी फुटबॉल टूर्नामेंट का समापन 71वीं वाहिनी की जीत के साथ हुआ. दो दिवसीय इस प्रतियोगिता ने जवानों के बीच खेल भावना और आपसी समन्वय को बढ़ावा दिया.

SSB Football Tournament Sitamarhi: एसएसबी की चार वाहिनियों के जवान दो दिनों तक फुटबॉल के मैदान में आमने-सामने रहे. शुक्रवार को अंतर-वाहिनी फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में 71वीं वाहिनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. इसके साथ ही 20वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की ओर से आयोजित टूर्नामेंट का समापन हो गया.

16 से 17 जुलाई तक चली प्रतियोगिता का उद्देश्य जवानों की शारीरिक फिटनेस और आपसी समन्वय को बढ़ावा देना था. पूरे टूर्नामेंट के दौरान जवानों ने खेल भावना और अनुशासन का प्रदर्शन किया.

चार वाहिनियों की टीमों ने दिखाया दम

दो दिवसीय टूर्नामेंट में एसएसबी की 20वीं, 48वीं, 51वीं और 71वीं वाहिनी की टीमों ने हिस्सा लिया. अलग-अलग मुकाबलों के बाद फाइनल में पहुंची टीमों के बीच खिताब के लिए रोमांचक मुकाबला हुआ.

फाइनल में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 71वीं वाहिनी की टीम ने जीत दर्ज की और चैंपियन ट्रॉफी अपने नाम कर ली. समापन समारोह में विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कृत किया गया.

फिटनेस के साथ बढ़ता है आपसी समन्वय

समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता द्वितीय कमान अधिकारी सह कार्यवाहक कमांडेंट विकास दीप सिंह ने की. उन्होंने कहा कि ऐसे खेल आयोजन जवानों की फिजिकल फिटनेस मजबूत करने के साथ अनुशासन और आपसी समन्वय को भी बढ़ाते हैं.

उन्होंने कहा कि खेल जवानों में देश सेवा के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं. एक स्वस्थ सैनिक ही सीमा की सुरक्षा पूरी मुस्तैदी के साथ कर सकता है.

खिलाड़ियों और आयोजन समिति का जताया आभार

समापन समारोह में वाहिनी के अधिकारी, अधीनस्थ और बड़ी संख्या में जवान मौजूद रहे. इस दौरान रेफरी, आयोजन समिति और प्रतियोगिता में शामिल सभी टीमों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया गया.

दो दिवसीय प्रतियोगिता 71वीं वाहिनी की खिताबी जीत और विजेता-उपविजेता टीमों के सम्मान के साथ संपन्न हुई.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

राकेश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. राकेश क्राइम रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने के लिए जाने जाते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति और दिलचस्प किस्से-कहानियों में उनकी विशेष रुचि है.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >