Sitamarhi Hospital Protest: सदर अस्पताल में एक बार फिर बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है. अस्पताल परिसर में उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई. जब एक गंभीर मरीज को समय पर सरकारी '102 एंबुलेंस' सेवा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी. परिजनों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए उन्होंने काफी देर तक एंबुलेंस के लिए कॉल किया और लंबे समय तक इंतजार भी किया. लेकिन इसके बावजूद कोई एंबुलेंस अस्पताल नहीं पहुंची. अंततः थक-हारकर परिजन अपने गंभीर रूप से बीमार मरीज को एक थ्री-व्हीलर ऑटो में लादकर इलाज के लिए ले जाने को मजबूर हो गए.
अस्पताल परिसर में परिजनों का फूटा गुस्सा, जमकर किया हंगामा
सदर अस्पताल प्रशासन की इस कथित लापरवाही और एंबुलेंस की समय पर व्यवस्था नहीं होने से मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. जिससे परिजनों की चिंता और मानसिक तनाव बेहद बढ़ गया. एंबुलेंस सेवा के इस उदासीन रवैये से आक्रोशित परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. और उन्होंने सदर अस्पताल परिसर में ही अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया. गुस्साए लोगों का आरोप था कि बार-बार गुहार लगाने और अनुरोध करने के बावजूद अस्पताल का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या स्वास्थ्य कर्मी उनकी समस्या सुनने या समाधान के लिए आगे नहीं आया.
मचे बवाल के बाद जागा प्रशासन, उपाधीक्षक ने दिए जांच के आदेश
इस हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में काफी देर तक अराजकता और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. इलाज कराने आए अन्य मरीज और उनके तीमारदार भी इस हंगामे से सहम गए. पीड़ित परिजनों ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार करने तथा लचर हो चुकी 102 एंबुलेंस सेवा को मरीजों के लिए व्यावहारिक रूप से प्रभावी बनाने की पुरजोर मांग की है. इस पूरे हाई वोल्टेज ड्रामे और बवाल के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ मनोज कुमार ने कहा कि यह एक गंभीर विषय है. और पूरी घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी. जो भी दोषी पाया जाएगा. उस पर सख्त कार्रवाई होगी.
