Nurse Suspension Case: सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार करने का एक बड़ा मामला सामने आया है. इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जीएनएम (स्टाफ ए ग्रेड नर्स) रीता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की अनुशंसा की गई है. अस्पताल प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से स्वास्थ्य कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है.
डिप्टी सुपरिटेंडेंट ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को लिखा पत्र
इस संबंध में सीतामढ़ी सदर अस्पताल के उपाधीक्षक (डिप्टी सुपरिटेंडेंट) ने 7 जुलाई 2026 को असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (CS-cum-CMO) को एक आधिकारिक पत्र भेजा है. इस पत्र के माध्यम से आरोपी स्टाफ नर्स के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है. अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इस तरह की लापरवाही और अनुशासनहीनता को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.
डीएम की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की बैठक में हुआ निर्णय
उपाधीक्षक द्वारा भेजे गए पत्र में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि 1 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी. शासी निकाय/कार्यकारिणी समिति (रोगी कल्याण समिति) की इस बैठक में मरीजों की सुविधाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई थी. इसी बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में अब यह दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है.
अस्पताल की छवि हो रही थी धूमिल, दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं
स्टाफ नर्स रीता पर आरोप है कि वह अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ लगातार अमर्यादित और अभद्र व्यवहार करती आ रही थीं. उनके इस अड़ियल रवैए के कारण अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे और स्वास्थ्य विभाग की छवि भी लगातार प्रभावित हो रही थी. उपाधीक्षक ने पत्र में मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि रोगी कल्याण समिति के फैसले के अनुरूप आरोपी नर्स के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई करते हुए आवश्यक विभागीय प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए. अस्पताल प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा और दुर्व्यवहार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगा.
