Riga Mill Scam: रीगा चीनी मिल के पूर्व प्रबंधक द्वारा हजारों गन्ना किसानों के साथ कथित किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण धोखाधड़ी का मामला अब संसद तक पहुंच गया है. शिवहर सांसद लवली आनंद ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखा है.
5 जिलों के 7 हजार गन्ना किसानों से हुई धोखाधड़ी
सांसद ने तीन अगस्त 2026 को लिखे पत्र में सद्भावना सेवा ट्रस्ट, सीतामढ़ी से मिली शिकायत का हवाला दिया है. इसके अनुसार शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और मधुबनी के लगभग 7 हजार किसान इस जालसाजी का शिकार हुए हैं.
- आरोप: वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2016-17 के दौरान रीगा चीनी मिल के तत्कालीन प्रबंधक ओम प्रकाश धानुका ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों के नाम पर केसीसी ऋण मंजूर कराया.
- फर्जीवाड़ा: ऋण की राशि किसानों को कभी नहीं मिली, लेकिन कागजों पर कर्ज उनके नाम दर्ज हो गया.
- वर्तमान स्थिति: बैंक अब पीड़ित किसानों और मृत किसानों के वारिसों पर कर्ज चुकाने का दबाव बना रहे हैं, जिससे उन्हें नया कृषि ऋण भी नहीं मिल पा रहा है.
जांच और राहत की मांग, किसानों में जगी उम्मीद
सांसद लवली आनंद ने पत्र के जरिए मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए. साथ ही पीड़ित किसानों को तत्काल राहत दी जाए ताकि वे नए कृषि ऋण का लाभ ले सकें. इस हस्तक्षेप के बाद पीड़ित किसान परिवारों में न्याय की उम्मीद जगी है. यह मामला क्षेत्र के लिए बड़ा Riga Mill Scam बन चुका है.
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