सीतामढ़ी पुलिस पर आरोपी को छोड़ने का गंभीर आरोप, एसपी के आदेश पर सदर एसडीपीओ-वन करेंगे जांच

सीतामढ़ी के पुनौरा थाना पुलिस पर मारपीट के आरोपी को छोड़ने का आरोप लगा है। एसडीपीओ वन मामले की जांच कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें।

Sitamarhi Police Investigation: सीतामढ़ी जिले के पुनौरा थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है . पुनौरा निवासी अभिषेक प्रियरंजन ने अपने भाई के साथ हुई बेरहमी से मारपीट के मामले में स्थानीय पुलिस पर एक मुख्य आरोपी को सांठगांठ कर छोड़ देने का गंभीर आरोप लगाया है . पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है .

मानवाधिकार आयोग और डीजीपी तक पहुंचा मामला, जांच तेज

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस आवेदन की प्रतिलिपि तिरहुत रेंज के डीआईजी, आईजी, बिहार के डीजीपी और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग को भी भेजी गई है . उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद मुख्यालय डीएसपी के निर्देश पर इस पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी अब सदर एसडीपीओ-वन को सौंप दी गई है . सदर एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस पर लगे इन आरोपों और मामले के सभी बिंदुओं की गहनता से जांच की जाएगी .

क्या है पूरा विवाद: चाकू और रॉड से हुआ था जानलेवा हमला

दिए गए आवेदन के अनुसार, बीते छह जुलाई की रात पुनौरा थाना क्षेत्र में कुछ बदमाशों द्वारा आनंद कुमार रंजन और अभिनंदन कुमार पर चाकू व लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया गया था . घटना की सूचना मिलने पर विजय सिंह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को मौके से हिरासत में लिया और थाने आई थी . पीड़ित का आरोप है कि बाद में पुलिस ने दो आरोपितों को तो न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया, लेकिन तीसरे मुख्य आरोपित सन्नी कुमार को रहस्यमय तरीके से थाने से ही छोड़ दिया


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लेखक के बारे में

चंद्रमोहन विगत 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे जिला और ब्लॉक स्तर पर क्राइम तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी संवेदनशील खबरों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के समसामयिक मुद्दों पर सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं.

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