घोटालेबाजों के कारनामों से पोस्टिंग से डरते थे अफसर

आवास की राशि रेवड़ी की तरह बंदरबांट करने को लेकर करीब दो दशक से परिहार प्रखंड सुखियों में रहा है.

परिहार. आवास की राशि रेवड़ी की तरह बंदरबांट करने को लेकर करीब दो दशक से परिहार प्रखंड सुखियों में रहा है. प्रखंड में कहीं मृत व्यक्ति के नाम पर आवंटित तो कहीं पंचायत से बाहरी को आवास का लाभ देने के मामले में अव्वल रहा है. किसी पंचायत में एक व्यक्ति को दूसरी व तीसरी बार आवास योजना से लाभान्वित किया गया था. प्रखंड उक्त कारनामा से ऐसा बदनाम हुआ था कि यहां जो भी पदाधिकारी आते फंसते चले जाते थे. प्रखंड का यह हाल हो गया था कि कोई भी बीडीओ यहां आना नहीं चाहते थे. आ भी गये तो जाने के लिए बेचैन रहते थे. जिला प्रशासन के लिए उक्त प्रखंड बड़ी चुनौती बन कर रह गयी थी. ताजा मामला बबुरवन पंचायत का सामने आया है, जिसमें आवास योजना में सर्वे में अनियमितता उजागर हुआ है. सर्वे के नाम पर दो-दो हजार रिश्वत वसूली का मामला सामने आने के बाद डीडीसी के निर्देश पर आवास पर्यवेक्षक अनिल कुमार के बयान पर परिहार थाने में आवास सहायक, महिला वार्ड सदस्य व मुखिया पति पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. — खैरवा मलाही व विशनपुर पंचायत में एक दर्जन पर हुई थी प्राथमिकी 20 जनवरी 2011 को तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री नीतीश मिश्र प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे. जहां यह आवास योजना में बहुत शिकायत मिली थी. तत्कालीन सदर एसडीओ राजेश कुमार के नेतृत्व में दो पंचायत खैरवा मलाही व विश्नपुर पंचायत में जांच करायी गयी, जांच रिपोर्ट के आधार पर कुछ लोगों का चेहरा उजागर हुआ था, जिसके बाद खैरवा मुखिया संजय राय, मुखिया भाई लालबाबू राय, अशोक राय,धरखन राय, छवीला राउत, रघुनाथ पासवान, विशनपुर पंचायत के पूर्व मुखिया पति चंदेश्वर साह, वार्ड सदस्य पवित्री देवी, अनिल कुमार, युगेश्वर राय सहित एक दर्जन पर कांड संख्या-15/11 दर्ज हुआ था. — तत्कालीन डीडीसी के आदेश पर दर्ज प्राथमिकी में बीडीओ समेत पांच हुए थे आरोपित नरगां दक्षिणी पंचायत में रेवड़ी की तरह परिजनों को बांटी गयी थी आवास योजना. इतना ही नहीं मृत व्यक्ति के नाम पर राशि उठा कर हजम करने बीपीएल में नाम किसी का आवास योजना का लाभ दिया गया था किसी और को, बात इतने पर नहीं रुकीं आगे पंचायत की कांति देवी के स्थान पर मुखिया रामबाबू ने अपने पिता की बहन का फोटो चिपका कर खुद के पहचान पर राशि खाता में भेजवा दिया था. उक्त मामले में डीडीसी रामाशंकर प्रसाद के आदेश पर तत्कालीन सदर अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी सतीश कुमार मिश्र के बयान पर थाने में कांड संख्या -57/11 दर्ज किया गया था. जिसमे बीडीओ श्याम देव, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की नरगां शाखा के प्रबंधक अभिमन्यु कुमार, नरगां दक्षिणी पंचायत मुखिया रामबाबू, पंचायत सचिव रामेश्वर ठाकुर, प्रखंड कार्यालय कर्मी भारत भूषण पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी.

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Author: VINAY PANDEY

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