NCHMCT Result: सीतामढ़ी के पंडौल उर्फ पांथपाकर निवासी निखिल निराला ने राष्ट्रीय स्तर की होटल मैनेजमेंट प्रवेश परीक्षा (NCHMCT) में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश भर में 102वीं रैंक हासिल की है. उनकी इस बड़ी और गौरवमयी उपलब्धि से पूरे जिले और उनके गृह क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है.
पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा का सफर
निखिल निराला एक सुशिक्षित और प्रतिष्ठित ग्रामीण परिवार से ताल्लुक रखते हैं. वे क्षेत्र के प्रख्यात पूर्व शिक्षक स्वर्गीय राम लगन ठाकुर के पौत्र (पोते) हैं. उनके पिता का नाम जय किशोर शर्मा और माता का नाम आशा कुमारी है. निखिल की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का निरंतर सहयोग और शैक्षणिक माहौल रहा है.
निखिल की शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत स्थानीय स्तर पर ही हुई:
- प्रारंभिक शिक्षा: उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सेंट्रल स्कूल, सीतामढ़ी से पूरी की.
- इंटर और स्नातक: इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए जिले के सबसे प्रतिष्ठित श्री राधा कृष्ण गोयंका कॉलेज (SRKG College) का रुख किया, जहां से उन्होंने इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.
एबीवीपी से जुड़ाव और छात्र राजनीति में सक्रियता
अपनी पढ़ाई और करियर के प्रति गंभीर रहने के साथ-साथ निखिल निराला सामाजिक और छात्र गतिविधियों में भी अग्रणी रहे हैं. अपने कॉलेज जीवन के दौरान वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से सक्रिय रूप से जुड़े रहे. छात्र हितों की लड़ाई और कॉलेज की रचनात्मक गतिविधियों में उनकी हमेशा ऊर्जावान भूमिका रही है, जिसके कारण वे अपने दोस्तों, सहपाठियों और प्राध्यापकों के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं.
एक नजर में: निखिल निराला की सफलता प्रोफाइल
पाठकों और शुभचिंतकों की जानकारी के लिए निखिल की सफलता से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे तालिका में दिए गए हैं:
| मुख्य बिंदु / पैरामीटर | छात्र का विवरण (Student Profile) |
|---|---|
| नाम (Name) | निखिल निराला |
| निवासी (Residence) | ग्राम- पंडौल उर्फ पांथपाकर, जिला- सीतामढ़ी |
| परीक्षा का नाम (Exam) | NCHMCT JEE (राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा) |
| ऑल इंडिया रैंक (AIR) | 102वीं रैंक |
| माता-पिता (Parents) | आशा कुमारी एवं जय किशोर शर्मा |
| दादा (Grandfather) | स्वर्गीय राम लगन ठाकुर (पूर्व शिक्षक) |
| कॉलेज (College) | श्री राधा कृष्ण गोयंका कॉलेज, सीतामढ़ी |
परिजनों और शिक्षकों ने दी बधाई: निखिल की इस शानदार राष्ट्रीय सफलता पर उनके परिजनों, गोयंका कॉलेज के शिक्षकों, एबीवीपी के साथियों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी. सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि निखिल ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और ग्रामीण परिवेश के युवा भी राष्ट्रीय पटल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं.
सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
