Sitamarhi Road Construction Quality: नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-43 में सड़क और नाला अभी बन ही रहा है, लेकिन इसकी गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठा दिए हैं. आरोप है कि निर्माण में नई ईंट की जगह पुरानी तीन नंबर ईंट के टुकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है. शिकायत मिलने के बाद नगर आयुक्त ने सहायक अभियंता को मौके पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया है.
महावीर चौक से राकेश राय होते हुए नागेंद्र राय के घर तक सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. वार्ड पार्षद कविता कुमारी के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों ने डीएम को आवेदन देकर पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है.
पुरानी ईंट लगाने का आरोप, लेवल पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री स्वीकृत प्राक्कलन और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है. नई ईंट के बजाय पुरानी तीन नंबर ईंट के टुकड़ों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया गया है.
लोगों ने सड़क और नाले के लेवल पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि लेवल सही नहीं होने पर बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है और इलाके में जलजमाव की समस्या पैदा हो सकती है.
कई बार शिकायत की, अब DM तक पहुंचा मामला
स्थानीय नागरिक विक्की चौधरी, आशुतोष कुमार, प्रशांत कुमार, संजीव कुमार और चंदेश्वर पासवान समेत अन्य लोगों का दावा है कि निर्माण शुरू होने के बाद कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई.
इसके बाद वार्ड पार्षद के नेतृत्व में डीएम को आवेदन देकर तकनीकी जांच की मांग की गई है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि समय रहते निर्माण में सुधार नहीं किया गया तो कुछ ही महीनों में सड़क और नाला क्षतिग्रस्त हो सकता है.
अब मौके पर जाकर जांच करेंगे सहायक अभियंता
नगर आयुक्त डॉ. गजेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि वार्ड पार्षद और स्थानीय नागरिकों की शिकायत मिली है. मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक अभियंता को स्थल जांच करने का निर्देश दिया गया है.
जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के पालन की स्थिति सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
गड़बड़ी मिली तो भुगतान पर लगेगी रोक
नगर आयुक्त के अनुसार, जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता या तकनीकी मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अभिकर्ता के भुगतान पर रोक लगाई जा सकती है. इसके साथ ही नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी.
फिलहाल सहायक अभियंता की जांच रिपोर्ट का इंतजार है. इसी रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है या शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं.
