बज्जिका को अष्टम सूची में शामिल कराना बहुत जरूरी

बज्जिका कवि राम किशोर सिंह चकवा द्वारा चलाए गए अभियान चलो गांव की ओर के तहद अब बज्जिका गोष्ठी का आयोजन गली मोहल्ला और सार्वजनिक स्थल में भी शुभारंभ किया गया है.

सीतामढ़ी. बज्जिका कवि राम किशोर सिंह चकवा द्वारा चलाए गए अभियान चलो गांव की ओर के तहद अब बज्जिका गोष्ठी का आयोजन गली मोहल्ला और सार्वजनिक स्थल में भी शुभारंभ किया गया है. इस क्रम में बुधवार को क्रिकेट प्रेमियों के बीच आलोक राय और कुंदन कुमार के सहयोग से आयोजित नौ दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट बसवरिया के मैदान में बज्जिका कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया. अध्यक्षता आलोक राय व संचालन राम किशोर सिंह चकवा ने किया. श्री चकवा ने अपनी बज्जिका कविता “अब न जागब त कहिया जागब समय बीतल जाइअ, सब भाषा मोकाम पा लेलक बज्जिका कही न दिखाइय ” प्रस्तुत किया. श्री चकवा ने कहा कि अब देर न कीजिए. आपके बच्चों के भविष्य के लिए बज्जिका को अष्टम सूची में शामिल होना बहुत जरूरी है. बज्जिका संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित विधानसभा के सामने 23 जुलाई को पटना में होने वाले एकदिवसीय धरना में शामिल होकर सरकार को बज्जिका को मान्यता देने के लिए बाध्य करने की अपील की. संस्था के महासचिव प्रभाकर कुमार मिश्रा, व बज्जिका संयुक्त संघर्ष समिति के विभिष्ट उपाध्यक्ष आलोक राय आदि ने भी अपने विचार रखे. कार्यकम में राजकुमार बैठा, राहुल रंजन, अनुराग कुमार, प्रदुम्न साह, शिवांशु शेखर, राजकुमार सहनी, लखींद्र साह, ब्रह्मदेव मंडल, विक्की कुमार सिंह, कुंदन कुमार, मनी भूषण, बिट्टू, उज्जवल राजपूत, हिमांशु कुमार, आशीष कुमार, निहाल सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, कुंदन कुमार राय, आशीष सिंह, अमन कुमार, राजा कुमार व अन्य शामिल हुए.

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Author: VINAY PANDEY

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