सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट
Human Trafficking Training: जिला पुलिस और अदिथि संस्था के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित आनंद भवन सभागार में ‘बंधुआ मजदूरी, मानव तस्करी एवं बाल संरक्षण’ पर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन सीनियर डीएसपी हेडक्वार्टर सह नोडल पदाधिकारी मो नजीब अनवर, अदिथि के राज्य प्रभारी रोहित सिंह और मानव तस्करी निरोधी इकाई के शाखा प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण और त्वरित कार्रवाई जरूरी: डीएसपी
सीनियर डीएसपी हेडक्वार्टर मो नजीब अनवर ने कहा कि मानव तस्करी और बाल शोषण जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की भूमिका सबसे अहम होती है. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों के भीतर कानून की गहन जानकारी, त्वरित कार्रवाई और पीड़ित-केंद्रित सोच (विक्टिम-सेंट्रिक अप्रोच) का होना बेहद जरूरी है. सही दृष्टिकोण से ही पीड़ितों को सही न्याय मिल सकता है.
न्यूनतम मजदूरी से वंचित रखना और धमकी देकर काम कराना दंडनीय अपराध
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता संजू सिंह ने उपस्थित पुलिसकर्मियों को बंधुआ मजदूरी प्रणाली उन्मूलन अधिनियम-1976, बाल संरक्षण कानून और तस्करी से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को अग्रिम राशि, दबाव या धमकी देकर न्यूनतम मजदूरी से वंचित रखना और काम कराना कानूनन दंडनीय अपराध है.
सुरक्षित रेस्क्यू, अनुसंधान और पुनर्वास पर हुई चर्चा
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया, सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने, मजबूत साक्ष्य संकलन, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और पीड़ितों को सरकारी योजनाओं के जरिए पुनर्वास से जोड़ने पर विस्तृत चर्चा हुई. केस स्टडी के माध्यम से पुलिस पदाधिकारियों को व्यावहारिक समझ भी दी गई. इस मौके पर पुलिस अधिकारियों के अलावा अदिथि संस्था से अल्फ्रेड विलियम, पायल सिंह और गौतम कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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