Pupri Gurukul Event: नगर स्थित गुरुकुल विद्या मंदिर के प्रांगण में सोमवार को गुरु दक्षिणा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. इसमें विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत सनातन परंपरा के अनुसार पवित्र भगवा ध्वज को गुरु मानकर गुरु दक्षिणा समर्पण के साथ हुई. उपस्थित सभी लोगों ने ध्वज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए प्रतीकात्मक दक्षिणा अर्पित की.
गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व और बौद्धिक सत्र
कार्यक्रम के दौरान आयोजित बौद्धिक सत्र को मुख्य वक्ता सामाजिक समरसता प्रमुख रामशंकर चौधरी ने संबोधित किया. उन्होंने गुरु पूर्णिमा व व्यास पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला:
- संस्कार व ज्ञान का आधार: उन्होंने कहा कि गुरु ही शिष्य को सही मार्गदर्शन, संस्कार और जीवन जीने की कला सिखाते हैं.
- अनुशासित जीवन: छात्र-छात्राओं को गुरु-शिष्य संवाद और जीवन में उच्च संस्कारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.
- सफलता का मार्ग: शिष्य की सफलता और गुरु के सम्मान को भारतीय संस्कृति में परम पावन माना गया है.
संघ प्रार्थना के साथ समापन
इस अवसर पर यशवंत कुमार, आशीष कुमार, अर्जुन कुमार, नेहा मिश्रा, अखिलेश झा, वैभव कुमार, दिवेश गौरव, अजीत झा, अजय प्रसाद सहित अन्य शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र मौजूद रहे. कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से संघ प्रार्थना के साथ हुआ.
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