सीतामढ़ी में किसान महापंचायत, सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट वापस लेने की मांग

सीतामढ़ी में किसानों ने संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा के स्थापना दिवस पर महापंचायत कर कई अहम मुद्दों पर आवाज उठाई. सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट को वापस लेने और लैंड पूलिंग व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग प्रमुखता से की गई.

Sitamarhi News: सीतामढ़ी. नगर के पेंशनर समाज सभागार में संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा, उत्तर बिहार के 26वें स्थापना दिवस पर किसान महापंचायत आयोजित की गई. जिलाध्यक्ष जलंधर यदुवंशी की अध्यक्षता में हुई महापंचायत में सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट को वापस लेने, लैंड पूलिंग व्यवस्था पर पुनर्विचार करने, गन्ने का मूल्य कम से कम 750 रुपये प्रति क्विंटल करने और सीतामढ़ी को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग उठाई गई. किसानों ने इन मुद्दों को लेकर पंचायत स्तर से पटना तक आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया.

सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट वापस लेने की मांग

महापंचायत में किसानों ने प्रस्ताव पारित कर सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट को वापस लेने की मांग की. किसान नेताओं ने लैंड पूलिंग व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि इससे किसानों की जमीन पर उनका अधिकार प्रभावित होगा.

प्रो. आनंद किशोर ने आरोप लगाया कि सरकार भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को दरकिनार कर पूलिंग के नाम पर किसानों की जमीन ले रही है. उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर किसानों की चिंताओं पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए.

लैंड पूलिंग के प्रावधान पर किसानों ने उठाए सवाल

किसान नेताओं ने दावा किया कि लैंड पूलिंग व्यवस्था में किसानों को जमीन के उपयोग और निर्माण से जुड़ी सीमाओं का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि डेवलपर के नक्शे के कारण किसानों के पास उपलब्ध भूमि के उपयोग का अधिकार सीमित हो सकता है.

किसानों ने मांग की कि किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले प्रभावित किसानों की सहमति और उनके हितों को प्राथमिकता दी जाए.

750 रुपये प्रति क्विंटल से कम गन्ना मूल्य मंजूर नहीं

महापंचायत में किसानों ने गन्ने के मूल्य को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया. किसान नेताओं ने कहा कि 750 रुपये प्रति क्विंटल से कम गन्ना मूल्य उन्हें स्वीकार नहीं होगा.

उन्होंने सरकार से उत्पादन लागत और किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लाभकारी गन्ना मूल्य निर्धारित करने की मांग की.

सीतामढ़ी को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग

किसानों ने जिले में कम वर्षा और कृषि पर पड़ रहे असर को देखते हुए सीतामढ़ी को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी उठाई. किसान नेताओं ने कहा कि बारिश की कमी के कारण खेती प्रभावित हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

पंचायत से पटना तक संघर्ष तेज करने का फैसला

महापंचायत में निर्णय लिया गया कि सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट और किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन को गांव और पंचायत स्तर तक मजबूत किया जाएगा. किसान नेताओं ने नवंबर में मुख्यमंत्री आवास के घेराव का भी ऐलान किया.

इसके लिए अधिसूचित गांवों में महापंचायत आयोजित कर किसानों को आंदोलन से जोड़ने की रणनीति बनाई गई.

किसान नेताओं ने आंदोलन मजबूत करने का किया आह्वान

भूमि बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक बैद्यनाथ हाथी ने कहा कि सैटेलाइट प्रोजेक्ट के खिलाफ गांव-गांव से बड़ी लड़ाई की तैयारी करनी होगी. पेंशनर समाज के अध्यक्ष राम एकबाल साह ने किसान प्रतिनिधियों का स्वागत किया.

महापंचायत को रामसागर ठाकुर, जितेंद्र हाथी, अमरेंद्र राय, जीवनाथ शाफी, संजय कुमार, शशिधर शर्मा, अवधेश यादव, राम प्रमोद मिश्र, शंकर मंडल, नंद किशोर मंडल और रामसुरेश तिवारी समेत अन्य किसान नेताओं ने संबोधित किया.

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लेखक के बारे में

By राकेश कुमार राज

राकेश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. राकेश क्राइम रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने के लिए जाने जाते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति और दिलचस्प किस्से-कहानियों में उनकी विशेष रुचि है.

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