Task Force Sitamarhi: सीतामढ़ी बाल श्रम उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने एवं विमुक्त बाल श्रमिकों के समग्र पुनर्वास को लेकर समाहरणालय स्थित विमर्श कक्ष में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी (डीएम) रिची पांडेय ने की. डीएम ने दो टूक कहा कि सभी विभागों और समाज के सामूहिक प्रयास से ही 'बाल श्रम मुक्त सीतामढ़ी' का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है. इसके लिए रणनीति तैयार कर ली गई है.
स्कूलों में होगा शत-प्रतिशत नामांकन, बनेगा एंटाइटलमेंट कार्ड
डीएम रिची पांडेय ने कहा कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है. उन्होंने शिक्षा विभाग को कड़े निर्देश दिए कि सभी विमुक्त बच्चों का शत-प्रतिशत विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया जाए. साथ ही स्कूलों में बच्चों की नियमित उपस्थिति की सख्त निगरानी की जाए, ताकि वे दोबारा इस दलदल में न लौटें. प्रत्येक विमुक्त बच्चे का सामाजिक जांच प्रतिवेदन तैयार कर एंटाइटलमेंट कार्ड बनाया जाएगा, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके.
ईंट-भट्ठों पर चलेगा विशेष छापेमारी अभियान
जिले में बाल श्रम की कुप्रथा पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए सभी प्रखंड मुख्यालयों एवं ईंट-भट्ठों में विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के जरिए बाल श्रमिकों की पहचान की जाएगी और उन्हें तत्काल मुक्त कराया जाएगा. इसके अलावा एक बड़ा नीतिगत निर्णय लेते हुए जिले के प्रत्येक प्रखंड से कम-से-कम तीन पंचायतों को 'बाल श्रम मुक्त पंचायत' के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है.इस बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) संदीप कुमार, श्रम अधीक्षक रमाकांत, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) राघवेंद्र मणि त्रिपाठी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे.
