DDC Toilet Report: लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि के भुगतान में नियमों की अनदेखी को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है. भुगतान प्रक्रिया में निर्धारित क्रम का पालन न करने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डीडीसी संदीप कुमार ने सभी बीडीओ को कड़ा निर्देश जारी किया है. डीडीसी ने सभी बीडीओ से निर्धारित प्रारूप में पूरी रिपोर्ट तलब की है और प्रखंड कार्यालयों में आवेदन प्राप्ति पंजी का नियमित संधारण सुनिश्चित करने को कहा है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि कार्यालय में प्रोत्साहन राशि का कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए. भुगतान की प्रक्रिया आवेदन मिलने की तिथि के आधार पर "पहले आओ, पहले पाओ" के सिद्धांत पर ही होगी.
जिले में शौचालय निर्माण का लक्ष्य और प्रगति
जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 30 हजार व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय निर्माण का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है. इसमें से अब तक लगभग चार हजार शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया गया है. जिसके तहत 2031 पात्र लाभुकों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी किया जा चुका है. इसके अलावा. पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 25503 शौचालयों का निर्माण कराया गया था. जिनमें फिलहाल भुगतान की प्रक्रिया तेजी से जारी है.
मनमाने ढंग से भुगतान पर होगी सख्त कार्रवाई
डीडीसी को विभिन्न माध्यमों से शिकायतें मिल रही थीं कि कई प्रखंडों में लाभुकों को नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से भुगतान किया जा रहा है. कुछ जगहों पर तो लाभुकों के आवेदन और प्राप्ति रसीद का रिकॉर्ड भी पंजी में दर्ज नहीं है. जिससे पूरी पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं. डीडीसी ने चेतावनी दी है कि जांच में यदि बिना किसी वैध कारण के भुगतान का क्रम टूटा पाया गया. तो संबंधित पदाधिकारी और कर्मियों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. बीडीओ को पांच मुख्य बिंदुओं- प्रखंड व पंचायत. लाभुक का विवरण. आवेदन की तिथि. जियो टैग की तिथि और भुगतान की तिथि पर रिपोर्ट देनी होगी.
