Sitamarhi News: बिहार युवा कांग्रेस के विधि प्रकोष्ठ के कई पदाधिकारियों ने मृगेंद्र कुमार सिंह के समर्थन में अपने पदों और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के साथ ही पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी और टिकट वितरण को लेकर असंतोष खुलकर सामने आया है.
इस्तीफा देने वालों का कहना है कि लंबे समय से संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को उचित महत्व नहीं मिल रहा है.
इन नेताओं ने दिया इस्तीफा
सामूहिक इस्तीफा देने वालों में अंकित कुमार, मोहित श्रीवास्तव, आयुष मिश्रा, संतोष भारती, मसूद आलम और मोहित राज शामिल हैं.
पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे में कहा कि पार्टी में जमीन पर संघर्ष करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है.
मृगेंद्र कुमार सिंह की अनदेखी का लगाया आरोप
इस्तीफा देने वाले नेताओं का आरोप है कि मृगेंद्र कुमार सिंह जैसे समर्पित नेताओं को टिकट नहीं दिया गया, जबकि दूसरे दलों से आए नेताओं को प्राथमिकता दी गई.
उनका कहना है कि इसी कारण संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी है.
कौन हैं मृगेंद्र कुमार सिंह?
मृगेंद्र कुमार सिंह पेशे से पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता हैं और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव रह चुके हैं.
वह सहकारिता आंदोलन के जनक और प्रथम लोकसभा सांसद स्वर्गीय ठाकुर युगल किशोर सिंह तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामदुलारी सिन्हा के पौत्र हैं.
मृगेंद्र कुमार सिंह ने क्या कहा?
मृगेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पदाधिकारियों के इस्तीफे में उनका कोई दबाव या भूमिका नहीं है.
उन्होंने कहा कि यह संबंधित पदाधिकारियों का व्यक्तिगत निर्णय है और वे स्वयं हर परिस्थिति में कांग्रेस के साथ बने रहेंगे.
