संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने पर बल

संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने पर बल फोटो-8 मौजूद छात्र-छात्रा, 9 उद्घाटन पर उपस्थित शिक्षकसीतामढ़ी. राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान (मानित विवि), नई दिल्ली के तत्वावधान में बुधवार को नगर के आदर्श नगर स्थित ज्ञानोदय विद्यालय में अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण केंद्र के प्रथम दीक्षा का उद्घाटन किया गया. इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आचार्य […]

संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने पर बल फोटो-8 मौजूद छात्र-छात्रा, 9 उद्घाटन पर उपस्थित शिक्षकसीतामढ़ी. राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान (मानित विवि), नई दिल्ली के तत्वावधान में बुधवार को नगर के आदर्श नगर स्थित ज्ञानोदय विद्यालय में अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण केंद्र के प्रथम दीक्षा का उद्घाटन किया गया. इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आचार्य विद्यानंद झा ने संस्कृत को विभिन्न भारतीय भाषाओं की जननी बताते हुए इसके जन-जन तक पहुंचाने की बात कही. विद्यालय के संचालक फौजदार सिंह ने इस कार्यक्रम को संस्कृत शिक्षण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया. इस अनौपचारिक केंद्र के संचालक शिक्षक नीरज कुमार ने कार्यक्रम की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए संस्कृत के महत्व को उजागर किया. विद्यालय के बच्चों के बीच इस कार्यक्रम को रखते हुए उन्होंने संस्कृत भाषा को जन जन की भाषा बनाने पर बल दिया. कार्यक्रम का संचालन संस्कृत शिक्षक धीरेंद्र झा ने किया.

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