छठ घाटों की सफाई को सरकारी फंड नहीं

सीतामढ़ी/बोखड़ा : विस चुनाव का मतदान समाप्त होने के बाद अब लोग दीवाली व छठ पर चर्चा करने लगे हैं. छठ घाटों की साफ-सफाई का हाल जानने के लिए प्रभात खबर ने सोमवार को बोखड़ा प्रखंड के कुछ मुखिया, जनता व पीएचसी प्रभारी से बात किया तो यह बात सामने आयी कि छठ घाटों की […]

सीतामढ़ी/बोखड़ा : विस चुनाव का मतदान समाप्त होने के बाद अब लोग दीवाली व छठ पर चर्चा करने लगे हैं. छठ घाटों की साफ-सफाई का हाल जानने के लिए प्रभात खबर ने सोमवार को बोखड़ा प्रखंड के कुछ मुखिया, जनता व पीएचसी प्रभारी से बात किया तो यह बात सामने आयी कि छठ घाटों की सफाई के लिए सरकारी फंड नहीं मिला है.

साफ-सफाई के लिए चंदा
ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आपस में चंदा कर घाट की साफ-सफाई व अन्य व्यवस्था करते हैं. खड़का के राधा रमण झा, अजय कुमार झा व सज्जन कुमार कहते हैं कि उन्हें याद नहीं कि किसी वर्ष प्रशासनिक सहयोग से घाट की सफाई करायी गयी हो. ग्रामीण चंदा कर घाट व रास्ते की सफाई के साथ ही रौशनी की व्यवस्था करते हैं.
घाट पर चारों ओर गंदगी
खड़का गांव के महिला व पुरुष व्रती स्थानीय खादी भंडार के समीप पोखर पर छठ करते हैं. घाट पर चारों ओर घास व जंगल-झाड़ उग गये हैं. घाट पर पेयजल के लिए चापाकल नहीं हैं.
अब तक आवंटन नहीं
कुरहर पंचायत की मुखिया सुनीता देवी कहती हैं कि स्वच्छता अभियान के तहत सरकार से पूर्व में पैसा मिलता था. फिलहाल इस मद में आवंटन नहीं मिला है. खड़का मुखिया श्रीमोहन झा कहते हैं कि इस मद में पैसा मिलता है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. प्रखंड मुखिया संघ की अध्यक्ष रूकखाना भी कहती हैं कि स्वच्छता अभियान के तहत कोई आवंटन नहीं मिला है. उनके अब तक के कार्यकाल में इस मद में एक बार भी पैसा नहीं मिला है. बीडीओ के स्तर से भी छठ घाटों के संबंध में कोई पत्र निर्गत नहीं किया गया है. वह पंचायत सचिव से बात करेंगी.

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