गीतकार जितेंद्र परिचय के मोहताज नहीं

गीतकार जितेंद्र परिचय के मोहताज नहीं फोटो नंबर- 1 जितेंद्र कुमार झा. सीतामढ़ी. अपनी गीत व कविता से रीगा प्रखंड के रमनगरा गांव के जितेंद्र कुमार झा एक अलग पहचान बना चुके हैं. उनके द्वारा गाये गये चर्चित गीतों में ‘अंबे के दरबार चलेंगे करने पूजा प्यार से, लाल चुनर मंगवाते सैंया सीतामढ़ी बिहार से’, […]

गीतकार जितेंद्र परिचय के मोहताज नहीं फोटो नंबर- 1 जितेंद्र कुमार झा. सीतामढ़ी. अपनी गीत व कविता से रीगा प्रखंड के रमनगरा गांव के जितेंद्र कुमार झा एक अलग पहचान बना चुके हैं. उनके द्वारा गाये गये चर्चित गीतों में ‘अंबे के दरबार चलेंगे करने पूजा प्यार से, लाल चुनर मंगवाते सैंया सीतामढ़ी बिहार से’, जग कल्याणी सीता मां को पूजे जग संसार में, धन्य-धन्य दु:ख नाशिनी मैया सीतामढ़ी, बिहार में’ आदि विभिन्न गीतों का संगम उनकी पहचान बढ़ा रही है. 48 वर्षीय गायक श्री झा एक साधारण परिवार से हैं. महापुरुषों की जीवनी पढ़ने के बाद उनमें कुछ कर गुजरने की जज्बा पैदा हुई और वे एक अलग पहचान बनाने के लिए गीत व संगीत की दुनिया में कदम बढ़ा दिये तो फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखे. बिहार के नामचीन गायकों में जितेंद्र कुमार झा का भी नाम लिया जाता है. छात्र जीवन से ही कवि गोष्ठी में शरीक होते रहे श्री झा हिंदी से एमए हैं.

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