महाजाम में सड़क से गली तक रेंगते रहे वाहन

मेहसौल चौक, कारगिल चौक, स्टेशन रोड व आजाद चौक पर लोगों का रहा बुरा हाल नवरात्रि को लेकर एसएसबी की तैनातीसे मिली थी राहत सीतामढ़ी : शहर में जाम की पुरानी समस्या अब और विकराल रूप धारण कर लिया है. सरकार दर सरकार बदली, अनगिनत अधिकारी और जनप्रतिनिधि बदले.हर बार जाम से निजात दिलाने का […]

मेहसौल चौक, कारगिल चौक, स्टेशन रोड व आजाद चौक पर लोगों का रहा बुरा हाल

नवरात्रि को लेकर एसएसबी की तैनातीसे मिली थी राहत
सीतामढ़ी : शहर में जाम की पुरानी समस्या अब और विकराल रूप धारण कर लिया है. सरकार दर सरकार बदली, अनगिनत अधिकारी और जनप्रतिनिधि बदले.हर बार जाम से निजात दिलाने का कोरा आश्वासन भी मिला, लेकिन शहर में नासूर बन चुकी जाम की समस्या का समाधान नहीं हो सका, बल्कि उल्टे लाइलाज बीमारी का रूप ले चुका है.
हालत यह है कि राहगीर डाल-डाल तो जाम पात-पात पर नजर आने लगा है. नो इंट्री वाले जगहों पर नियमों का पालन नहीं कराये जाने के कारण अवैध रूप से सभी वाहनों का परिचालन धड़ल्ले से होता है, जिसके चलते लोगों के सामने अब वैकल्पिक रास्ते भी खत्म होते गये हैं.
संकीर्ण गलियों में भी टेंपो, ई-रिक्सा, रिक्सा, स्कॉर्पियो आदि वाहनों का परिचालन होने से पैदल चलने वालों के सामने भी मंजिल तक पहुंचने में परेशानी खड़ी हो गयी है. विकराल जाम में फंसकर लोग डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं. लोगों के चेहरे पर गुस्से का भाव साफ झलकता है. कई बार यात्रियों को आपस में भिड़ते भी देखा जाता है. जाम में अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी फंसकर परेशान होते हैं, लेकिन समाधान के रास्ते तो तलाश किये जाते है, उसे धरातल पर नहीं उतारा जा रहा.
आजाद चौक का हाल : आजाद चौक शहर की सीमा पर है. यहां से दो प्रमुख व्यस्ततम सड़कें एनएच-104 व पुपरी अनुमंडल को जोड़ने वाली सड़क निकलती है. समीप में ही रेलवे गुमटी है, जहां जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कई वर्ष पूर्व रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन निर्माण अब तक नहीं हो सका. यहां ट्रैफिक नियंत्रण के लिए तैनात होमगार्ड जवान की मानें तो यहां से अनेक ट्रेनों के परिचालन होने के कारण अक्सर गुमती बंद रहता है, जिसके चलते यहां अक्सर जाम का भयानक नजारा बना रहता है.
स्टेशन रोड का हाल : स्टेशन रोड में एक सरकारी बस पड़ाव समेत एक पुरानी निजी बस स्टैंड है. इसके अलावा कई प्रखंडों के लिए सैकड़ों छोटी-बड़ी वाहनें यहां से खुलती है. लेकिन, यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं होने के साथ ही पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क ही अवैध वाहन पार्किंग का साधन बना हुआ है. यही कारण है कि स्टेशन रोड में जाम की समस्या यात्रियों समेत शहर वासियों के लिए नासूर बन चुका है.
मेहसौल चौक का हाल : मेहसौल चौक एवं कारगिल चौक शहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है. शहर व जिला मुख्यालय में प्रवेश करने के लिए मेहसौल चौक से ही गुजरना पड़ता है. यहां तीन तरफ से आने वाली सड़कें काफी संकीर्ण हो चुकी है. उपर से टेंपो, ई-रिक्सा एवं रिक्सा चालकों द्वारा पुलिस की तैनाती के बावजूद अवैध रूप से वाहनों को पार्क कर यात्रियों को भरकर जिला मुख्यालय व शहर के विभिन्न हिस्सों में ले जाया जाता है. नो इंट्री का पालन नहीं कराये जाने के कारण मेहसौल चौक से चौबीसों घंटे सैकड़ों बड़ी-छोटी वाहनों का परिचालन धड़ल्ले से होता है. उपर से दुकानदारों द्वारा सड़कों पर सामान फैलाने व सड़क पर ही सब्जियों के बाजार सजने के कारण यहां सुबह से शाम तक दमघोंटू जाम का नजारा बना रहता है.
कारगिल चौक का हाल : यहां से बाइपास बस स्टैंड समेत रीगा एवं शिवहर जिले को जोड़ने वाली रिंग बांध निकलती है, जो कई वर्षों से काफी जर्जर हालात में है. ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस पदाधिकारी समेत होमगार्ड जवानों की तैनाती रहती है, लेकिन यहां भी सुबह से शाम तक जाम में फंसकर लोग परेशान रहते हैं.

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