सीतामढ़ीः जिले के पांच लाल ने मैट्रिक की परीक्षा में कमाल किया है. मध्यवर्गीय किसान परिवार के बच्चों एवं मोटर मैकेनिक पिता के बेटे ने पिछड़े सीमाई इलाके में रह कर पढ़ाई की और पूरे बिहार में टॉप टेन में अपना नाम दर्ज करवाया है.
कड़ी मेहनत से सफलता मैट्रिक बोर्ड की परीक्षा में बथनाहा प्रखंड के रामनगर गांव निवासी नरेश राय के पुत्र नीतेश कुमार ने 444 अंकर लाल पूरे बिहार में तीसरा स्थान प्राप्त किया है. जानकर आश्चर्य होगा कि नीतेश के पिता एक मोटर मैकेनिक है. जो अपने पुत्र को पढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. नीतेश एक बहुत बड़ा अधिकारी बनना चाहता है. उसकी चाहत है कि वह समाज में अपने पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर दे. वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व एकलव्य सुपर-50 के शिक्षक व संचालिक रति रामबाबू गुप्ता के कुशल मार्ग दर्शन को मानता है.
जयशंकर (पांचवां)
आइपीएस बनना चाहता है किसान पुत्र
बथनाहा प्रखंड के डुकरिया गांव निवासी हरेंद्र प्रसाद के पुत्र जयशंकर ने 441 अंक लाकर पांचवां स्थान प्राप्त किया हैं. जयशंकर के पिता एक मामूली किसान है. जयशंकर बड़ा होकर आइपीएस अधिकारी बनना चाहता है. वह कहता है कि आइपीएस अधिकारी बनना उसका लक्ष्य है. वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व एकलव्य सुपर-50 के शिक्षक व संचालिक रति रामबाबू गुप्ता के कुशल मार्ग दर्शन को मानता है.
चंदन कुमार (छठा स्थान)
बड़ा अधिकारी बनना लक्ष्य
छठे टापर बथनाहा प्रखंड के हरिबेला गांव निवासी मध्यमवर्गीय किसान हरिशंकर महतो के पुत्र चंदन कुमार को 440 अंक प्राप्त हुआ है. बताता है कि पिता एक मामूली किसान हैं. उनका सपना है कि पुत्र पढ़-लिख कर एक बड़ा अधिकारी बने. अपने पिता के सपना को पूरा करना उसका मकसद है. वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व एकलव्य सुपर-50 के शिक्षक व संचालिका श्रीमती रति रामबाबू गुप्ता के कुशल मार्ग दर्शन को मानता है.
राकेश कुमार/ राजेश कुमार (आठवां रैंक )
8 वें नंबर पर एक हीं स्कूल सोनफी बिजली हाई स्कूल कोरिया पिपरा के राकेश कुमार व राजेश कुमार है. दोनों को बराबर 436 अंक प्राप्त हुआ है. राकेश परिहार प्रखंड के खोकसी गांव निवासी स्व राम विनय प्रसाद का पुत्र है. राकेश बताता है कि वह आइपीएस अधिकारी बनना चाहता है. अपने पारिवारिक पृष्ठ भूमि पर प्रकाश डालते हुए कहता है कि उसके जीवकोपाजर्न का साधन कुछ जमीन है. जिसकी खेती मां, दादी व भाई करता है. काफी आर्थिक तंगी रहने के बाद भी उसकी मां, दादी व भाई का सपना है कि वह पढ़-लिख कर एक बड़ा अधिकारी बने. वह अपनी सफलता का श्रेय माता एकलव्य सुपर-50 के शिक्षक व संचालिक रति रामबाबू गुप्ता के के अलावा अपने शुरुआती गुरु वैद्यनाथ साहू के कुशल मार्ग दर्शन को मानता है.
राजेश मढ़िया गांव निवासी स्व रामजी महतो का पुत्र है. वह इंजीनियर बनना चाहता है. बताता है कि कड़ी मेहनत व दृढ़ इच्छाशक्ति के बदौलत मंजिल पाना आसान है. बताता है कि वह अपनी मां के साथ खेती करता है. जमीन का कुछ टुकड़ा उसके पास है. होने वाले फसल से घर चलाना बहुत मुश्किल होता है. किंतु उसकी मां की हार्दिक इच्छा है कि उसका बेटा पढ़ लिख कर बड़ा आदमी बने. वह अपनी सफलता का श्रेय माता व एकलव्य सुपर-50 के शिक्षक व संचालिक रति रामबाबू गुप्ता के कुशल मार्ग दर्शन को मानता है.
