लद्दाख घूमने जाइएगा तो सरकार ₹20000 देगी, जानिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी

Sindhu Darshan Tirth Yatra: बिहार सरकार ने सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना-2026 को मंजूरी दी है. योजना के तहत पात्र यात्रियों को अधिकतम ₹20,000 तक की सहायता मिलेगी.

Sindhu Darshan Tirth Yatra: बिहार सरकार ने 16 जून 2026 को आयोजित कैबिनेट बैठक में “सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना-2026” को मंजूरी दे दी है. इस योजना का उद्देश्य बिहार के नागरिकों को लद्दाख स्थित पवित्र सिंधु नदी के दर्शन कराने के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है. योजना के तहत पात्र यात्रियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

राज्य सरकार के इस फैसले को धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. योजना से उन लोगों को राहत मिलेगी जो आर्थिक कारणों से सिंधु दर्शन यात्रा नहीं कर पाते थे. इससे बिहार के नागरिकों की भागीदारी राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़ने की उम्मीद है.

Bihar Cabinet Meeting: बिहार की नई सिंधु दर्शन योजना में क्या मिलेगा?

योजना के तहत बिहार के मूल या स्थायी निवासी यात्रियों को प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹20,000 अथवा कुल यात्रा व्यय का 50 प्रतिशत, जो भी कम होगा, अनुदान के रूप में दिया जाएगा. यह राशि यात्रा खर्च का बोझ कम करने में मदद करेगी और अधिक लोगों को सिंधु दर्शन यात्रा के लिए प्रोत्साहित करेगी.

एक नजर में

विवरणजानकारी
योजना का नामसिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना-2026
मंजूरी तिथि16 जून 2026
अधिकतम अनुदान₹20,000
सहायता सीमायात्रा व्यय का 50% या ₹20,000
पात्रता आयु18 वर्ष या अधिक
लाभार्थीबिहार के मूल निवासी
वार्षिक सीमा100 तीर्थयात्री

योजना का लाभ लेने के लिए कौन पात्र होगा?

इस योजना का लाभ केवल बिहार के मूल अथवा स्थायी निवासियों को मिलेगा. आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होना आवश्यक है. राज्य सरकार ने प्रति वर्ष अधिकतम 100 तीर्थयात्रियों को इस योजना का लाभ देने का प्रावधान किया है. पात्रता से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जा सकते हैं.

पर्यटन विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट

अन्य राज्यों की तुलना में बिहार की योजना कितनी अलग है?

देश के कई राज्यों ने पहले से ही सिंधु दर्शन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता योजनाएं शुरू की हैं. बिहार की योजना उत्तर प्रदेश की सहायता राशि के बराबर है, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान ने भी अपने स्तर पर अलग-अलग अनुदान निर्धारित किए हैं.

राज्यअनुदान राशिवर्ष
उत्तर प्रदेश₹20,0002019
राजस्थान₹15,0002024-25
मध्य प्रदेश₹25,0002025
बिहार₹20,0002026

सिंधु दर्शन महोत्सव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व क्या है?

सिंधु दर्शन महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1997 में हुई थी. वर्ष 2000 से यह आयोजन नियमित रूप से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है. यह तीन दिवसीय कार्यक्रम लेह-लद्दाख में शेय मनला क्षेत्र में आयोजित होता है, जहां देशभर से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं.

सिंधु नदी भारतीय सभ्यता, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है. हिंदू मान्यताओं में इसका विशेष स्थान है. हर वर्ष आयोजित होने वाला सिंधु दर्शन महोत्सव लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और राष्ट्रीय एकता से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है.

सिंधु दर्शन महोत्सव – फोटो: पर्यटन विभाग, भारत सरकार

बिहार सरकार इस योजना से क्या हासिल करना चाहती है?

राज्य सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा को बढ़ावा देना नहीं बल्कि लोगों को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना भी है. योजना के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है ताकि राष्ट्रीय विरासत के प्रति सम्मान और सहभागिता मजबूत हो सके.

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को भी बल मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं लोगों को देश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

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By Aaruni Thakur

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