Shekhpura News : (चतुरानन्द मिश्रा). प्रखंड के वेलाव पंचायत अंतर्गत वीरपुर गांव में स्वच्छता अभियान को बड़ा झटका लगा है. यहां बिहार सरकार द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सामुदायिक शौचालय आज खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. देखरेख के अभाव और असामाजिक तत्वों की बर्बरता के कारण यह शौचालय अब पूरी तरह से कबाड़ में तब्दील होने की कगार पर पहुंच गया है.
असामाजिक तत्वों ने पहुंचाया नुकसान, उपयोग करना मुश्किल
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने शौचालय के दरवाजों को बेरहमी से तोड़कर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है. खिड़की और किवाड़ टूट जाने के कारण अब ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं के लिए इसका उपयोग करना बिल्कुल असंभव हो गया है. सरकार ने गांव को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) बनाने और ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देने के लिए इस योजना को धरातल पर उतारा था, लेकिन स्थानीय स्तर पर जागरूकता की कमी और सुरक्षा न होने से इस सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया है.
ग्रामीणों ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
यह घटना ग्रामीण इलाकों में एक बड़े विरोधाभास को दर्शाती है. अक्सर देखा जाता है कि विकास कार्य न होने पर लोग स्थानीय प्रशासन और सरकार पर तीखे सवाल उठाते हैं, लेकिन जब लाखों रुपये की सरकारी योजनाएं गांव तक पहुंचती हैं, तो समाज के ही कुछ उपद्रवी तत्व उसे बर्बाद करने में जुट जाते हैं. वीरपुर में सामुदायिक शौचालय की यह दुर्दशा गांव की सामाजिक जिम्मेदारी, आपसी एकजुटता और नागरिक जागरूकता पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करती है.
प्रशासन से मरम्मत और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
शौचालय के बंद हो जाने से गांव में एक बार फिर खुले में शौच जाने की मजबूरी बनती दिख रही है. इससे परेशान होकर अब स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से गुहार लगाई है.
