शेखपुरा के शेखोपुरसराय प्रखंड के किसानों को इस वर्ष धान की रोपाई को लेकर काफी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण पूरे प्रखंड क्षेत्र में धान की खेती बुरी तरह प्रभावित होती नजर आ रही है.
बारिश के अभाव में किसानों के समक्ष धान की रोपाई करना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है. खेतों में नमी की भारी कमी के कारण अधिकांश किसान अब तक रोपाई का कार्य शुरू नहीं कर सके हैं, जबकि कई किसानों को मजबूरन बोरिंग और डीजल पंपसेट के सहारे सिंचाई कर धान की रोपाई करनी पड़ रही है.
बढ़ती लागत और मानसून की बेरुखी से किसान चिंतित
नीमी गांव के किसान धर्मराज सिंह, मदन सिंह, दीना सिंह, पंकज सिंह, नागमणि सिंह, अरविंद महतो तथा राजेंद्र पासवान ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष उन्हें पूरी उम्मीद थी कि समय पर अच्छी मानसूनी बारिश होगी और धान की रोपाई सुगमता से संपन्न हो जाएगी. लेकिन, अब तक पर्याप्त बारिश न होने से उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है.
किसानों ने बताया कि लगातार बारिश न होने के कारण उन्हें महंगे डीजल से चलने वाले पंपसेटों के जरिए सिंचाई करके रोपाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की कुल लागत काफी अधिक बढ़ गई है.
एक तरफ डीजल की बढ़ती कीमतें किसानों की जेब पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही हैं, तो दूसरी तरफ मानसून की इस बेरुखी ने उनकी चिंताएं और अधिक बढ़ा दी हैं.
छोटे किसानों की बढ़ी मुश्किलें, बारिश न होने पर उत्पादन पर पड़ेगा असर
हालांकि, कुछ साधन संपन्न और जागरूक किसानों ने अपने स्तर पर बोरिंग के पानी से धान की रोपाई का काम शुरू कर दिया है, लेकिन छोटे और सीमांत किसानों के लिए अपने दम पर महंगी सिंचाई व्यवस्था करना बिल्कुल भी आसान नहीं है.
स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही झमाझम बारिश नहीं हुई, तो आने वाले समय में धान की फसल का कुल उत्पादन गंभीर रूप से प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है.
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