Sheikura News : (रंजीत कुमार) रोजगार की तलाश में घर से हजारों किलोमीटर दूर गए शेखपुरा के एक किशोर मजदूर की कर्नाटक के मंगलुरु में मौत हो गई. पांच मंजिला इमारत से गिरकर हुई इस असमय मौत के बाद मृतक के गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. मृतक की पहचान शेखपुरा जिला मुख्यालय के समीप रामपुर गांव निवासी मोहम्मद तौफीक के 17 वर्षीय पुत्र तौहीद के रूप में की गई है. तौहीद का शव बृहस्पतिवार (आज) दोपहर बाद फ्लाइट के जरिए पटना होते हुए पैतृक गांव रामपुर पहुंचेगा.
मूसलाधार बारिश के बीच वेल्डिंग करते समय हादसा
पीड़ित परिजनों ने रुंधे गले से बताया कि तौहीद करीब छह महीने पहले अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने और कामकाज करने के लिए बेंगलुरु (कर्नाटक) गया था. परिजनों के मुताबिक, दो दिन पहले वह मंगलुरु के सेंटर स्टेशन स्थित मंगल देवी नामक स्थान पर एक पांच मंजिला इमारत पर वेल्डिंग का काम कर रहा था. इसी दौरान अचानक तेज मूसलाधार बारिश शुरू हो गई. बारिश के कारण पैर फिसल जाने से तौहीद सीधे पांचवीं मंजिल से नीचे जमीन पर आ गिरा. ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया.
बेटे की मौत की खबर सुन बेहोश हो गए माता-पिता
परिजनों ने बताया कि तौहीद वहां के स्थानीय ठेकेदार रहीम इब्राहिम के अंतर्गत काम कर रहा था. हादसे के बाद मंगलुरु में ही शव का कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया गया. इसके बाद हवाई जहाज (फ्लाइट) के माध्यम से शव को बिहार के पटना एयरपोर्ट लाया गया, जहां से एम्बुलेंस के जरिए शव को शेखपुरा भेजा जा रहा है. पिछले दो दिनों से बेटे की मौत की खबर सुनकर माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
टूटा परिवार, मुआवजे की मांग
इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए स्थानीय समाजसेवी बेचूक खान ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि तौहीद बेहद कम उम्र में ही अपने परिवार का सहारा बन गया था. उस गरीब घर के कमाऊ बेटे का अचानक इस तरह दुनिया से चले जाना पूरे परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिससे उबर पाना मुश्किल है. समाजसेवी ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि प्रवासी मजदूर की आकस्मिक मृत्यु को देखते हुए पीड़ित आश्रितों को तत्काल सरकारी प्रावधानों के तहत उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए.
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