Sheikhpura News : सहकारिता विभाग ने किसानों से सरकारी दर पर खरीदे गए धान का चावल तैयार कर रविवार 26 जुलाई तक उसे गोदाम में पहुंचाने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है. सहकारिता विभाग द्वारा इस संबंध में जिले के सभी संबंधित व्यापार मंडलों और पैक्स को यह सख्त निर्देश जारी किया गया है.
जिले में इस साल 45 पैक्स और चार व्यापार मंडलों द्वारा सरकारी दर पर धान की खरीद की गई थी, लेकिन अभी तक शत-प्रतिशत चावल तैयार होकर गोदाम तक नहीं पहुंच सका है. विभिन्न सहकारी संगठनों द्वारा अभी भी कुल 1483 मीट्रिक टन चावल सरकारी गोदाम तक पहुंचाया जाना बाकी है.
बरबीघा के पांक पैक्स पर सबसे ज्यादा बकाया
बकाये चावल की बात करें तो इसमें सबसे ज्यादा 254 मीट्रिक टन चावल बरबीघा प्रखंड क्षेत्र के पांक पैक्स को सरकारी गोदाम में जमा करना है. जबकि इसके बाद मेंहुस पैक्स को 123 मीट्रिक टन और शेखोपुरसराय प्रखंड के नीमी पैक्स को 119 मीट्रिक टन चावल जमा किया जाना मुख्य रूप से शामिल है.
सरकारी सूत्रों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले में इस साल कुल 5020 किसानों से सरकारी दर पर कुल 31138 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई थी. इस खरीदे गए धान को चावल तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न राइस मिलों को 28621 मीट्रिक टन पहुंचाया गया था.
धान अधिप्राप्ति चक्र का पूरा गणित
धान अधिप्राप्ति के लिए चिन्हित सहकारी संगठनों को राइस मिलों द्वारा अग्रिम रूप से 19903 मीट्रिक टन चावल बिहार सरकार के गोदाम में पहुंचाने के लिए दिया गया था, जिसके बदले सभी सहकारी संगठनों द्वारा राइस मिल को धान दिया जाना था.
धान अधिप्राप्ति के इस पूरे चक्र में अभी तक सरकारी गोदामों में धान से चावल तैयार होकर 19671 मीट्रिक टन चावल पहुंच चुका है. यह कुल चावल 678 लॉट में प्राप्त हुआ है.
प्रखंडवार चावल आपूर्ति की स्थिति और निर्देश
अब तक जमा कराए गए चावल में सबसे ज्यादा शेखपुरा प्रखंड क्षेत्र में 7024 मीट्रिक टन, अरियरी प्रखंड क्षेत्र में 4028 मीट्रिक टन और बरबीघा प्रखंड क्षेत्र में 3742 मीट्रिक टन चावल शामिल है.
पटना से प्राप्त उच्च निर्देशों के आलोक में, यहाँ के स्थानीय अधिकारियों ने सभी पैक्स और व्यापार मंडलों को जल्द से जल्द धान के बदले शेष बचा हुआ चावल बिहार राज्य खाद्य निगम (बीएसएफसी) के गोदाम में पहुंचाते हुए इसकी पूरी जानकारी विभाग के साथ साझा करने का निर्देश जारी कर दिया है.
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