Sheikhpura News (प्रदीप कुमार की रिपोट): कृषि विज्ञान केंद्र अरियरी में आत्मा, शेखपुरा के सहयोग से प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती की उपयोगिता और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई.
दीप प्रज्वलित कर हुआ कार्यक्रम का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी समिति सदस्य राजीव रंजन सिन्हा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष नवल किशोर पासवान, किसान मोर्चा अध्यक्ष भगवान दास कुशवाहा, महामंत्री सरवन कुमार पांडे तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक ई. प्रमोद कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
प्राकृतिक खेती की आवश्यकता पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया गया. वरीय वैज्ञानिक ई. प्रमोद कुमार चौधरी ने वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती की आवश्यकता और कृषि में नई तकनीकों के समावेश पर जोर दिया. उन्होंने किसानों को टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया.
रासायनिक उर्वरकों से दूरी बनाने की अपील
मुख्य अतिथि राजीव रंजन सिन्हा ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के बिना खेती अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.
प्राकृतिक खेती के घटकों की दी जानकारी
केंद्र वैज्ञानिक नवीन कुमार सिंह ने बीजामृत, जीवामृत, घनामृत और दशपर्णी जैसे प्राकृतिक खेती के महत्वपूर्ण घटकों के निर्माण एवं उपयोग की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने किसानों को इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया.
आर्थिक और सामाजिक लाभों पर हुई चर्चा
सस्य वैज्ञानिक डॉ. अल्काज्योति शर्मा ने प्राकृतिक खेती के आर्थिक और सामाजिक लाभों पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है.
200 से अधिक किसानों ने लिया भाग
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों सहित 200 से अधिक किसानों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की और विशेषज्ञों से अपने सवालों के जवाब भी लिए.
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