Sheikhpura News (सत्येन्द्र कुमार की रिपोर्ट)
सामाजिक न्याय, बाल संरक्षण और जलवायु अनुकूलन के क्षेत्र में शेखपुरा जिले ने एक नई पहल करते हुए ईंट भट्ठा श्रमिक समुदायों के लिए देश के पहले हीट रेजिलिएंस सेंटर सह अक्षर लर्निंग सेंटर की शुरुआत की है. सदर प्रखंड के लोदीपुर पंचायत अंतर्गत देवेले गांव स्थित आरबीएफ ब्रिक किल्न परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार की सामाजिक कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता ने किया. इस अवसर पर डीएम शेखर आनंद, एसपी बलिराम चौधरी, डीडीसी संजय कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला सिंह सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और श्रमिक परिवार मौजूद रहे.
मंत्री ने श्रमिक परिवारों और बच्चों से किया सीधा संवाद
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्वेता गुप्ता ने हीट रेजिलिएंस सेंटर, अक्षर लर्निंग सेंटर और प्रोजेक्ट स्वाभिमान के तहत संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया. उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली और बच्चों द्वारा प्रस्तुत हिंदी एवं अंग्रेजी कविताओं की सराहना की. मंत्री ने श्रमिक परिवारों, महिलाओं और बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना तथा जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से इन समुदायों तक पहुंचाया जाए.
दो माह में दिखा सकारात्मक बदलाव, मंत्री ने की सराहना
मंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवार और उनके बच्चे लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहे हैं, लेकिन सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि शेखपुरा में विकसित यह मॉडल प्रेरणादायक है और मात्र दो माह में जिला प्रशासन तथा नींव की ईंट फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है. बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों और समुदाय की बढ़ती भागीदारी की भी उन्होंने सराहना की.
बिहार के अन्य जिलों में भी लागू हो सकता है मॉडल
मंत्री श्वेता गुप्ता ने इस पहल को सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी मॉडल बताते हुए कहा कि इसका अध्ययन कर बिहार के अन्य जिलों में भी लागू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा. इस दौरान उन्होंने नींव की ईंट फाउंडेशन के प्रतिनिधि अंशु कुमार जायसवाल से विस्तृत चर्चा की और मॉडल का विस्तृत प्रतिरूप तैयार करने का सुझाव दिया. हीट रेजिलिएंस सेंटर के माध्यम से भीषण गर्मी और लू से बचाव को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी, जबकि अक्षर लर्निंग सेंटर के जरिए बच्चों की पढ़ाई को विपरीत मौसम और आपदा की स्थिति में भी निर्बाध बनाए रखने की व्यवस्था की गई है.
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