Sheikhpura News (सत्येन्द्र कुमार): शेखपुरा जिले को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने एक बेहद अनूठी और विशाल पहल की शुरुआत की है. इस बार जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले ‘यूथ एवं ईको क्लब’ से जुड़े हजारों छात्र-छात्राएं मिलकर पर्यावरण की रक्षा के लिए एक महा-अभियान चलाने जा रहे हैं. इसके तहत जिले भर में रिकॉर्ड 44 हजार 781 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें 21 हजार से अधिक नन्हे हाथ इस पर्यावरण क्रांति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे.
हर स्कूल से जुड़ेंगे 40 बच्चे, 22 से 30 जून तक चलेगा ग्रीन समर कैंप
इस महा-अभियान को लेकर जानकारी साझा करते हुए शिक्षा विभाग की डीपीओ (DPO) प्रियंका कुमारी ने बताया कि जिले को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए 539 सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी ‘यूथ एवं ईको क्लब’ का गठन किया गया है. प्रत्येक विद्यालय से 40 ऊर्जावान छात्र-छात्राओं को इस क्लब से जोड़ा गया है, जो इस पूरे अभियान की मुख्य रीढ़ हैं. डीपीओ ने बताया कि ‘मिशन लाइफ’ योजना के तहत सभी विद्यालयों में 22 से 30 जून तक एक विशेष ‘ग्रीन समर कैंप’ का आयोजन किया जा रहा है. इस अभियान के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल को गति देते हुए बच्चे अपने स्कूलों, घरों और आसपास के उपयुक्त खाली स्थानों पर सघन पौधारोपण करेंगे.
स्वस्थ जीवन शैली से लेकर उर्जा और जल संरक्षण के सिखाए जा रहे पाठ
सात दिनों तक चलने वाले इस समर कैंप में बच्चों को किताबी ज्ञान से दूर व्यावहारिक रूप से प्रकृति को बचाने के तरीके सिखाए जा रहे हैं. सहायक साधन सेवी जगदीश राम ने बताया कि इस कैंप के तहत प्रतिदिन अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों (टॉक्स) पर कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है. समर कैंप के पहले दिन बच्चों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के तौर-तरीके सिखाए गए. वहीं, दूसरे दिन बच्चों को सतत खाद्य प्रणाली के मापदंडों को अपनाने, ई-कचरे को कम करने, जल संरक्षण और ऊर्जा बचाने के गुर सिखाए गए हैं.
सिंगल यूज प्लास्टिक को ‘ना’ और वेस्ट मैनेजमेंट को ‘हां’ कहेगा शेखपुरा
शिक्षा विभाग के इस ग्रीन कैंप में ‘मिशन लाइफ’ के तहत मुख्य रूप से सात जीवन रक्षक विषयों पर फोकस किया गया है. इसमें बच्चों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने, कचरा कम फैलाने और ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) के बारे में विस्तार से जागरूक किया जा रहा है.
प्रशासन को उम्मीद है कि जब ये 21 हजार बच्चे अपने घरों और समाज में जाकर लोगों को पानी की बर्बादी रोकने, बिजली बचाने और पेड़ों के महत्व को समझाएंगे, तो शेखपुरा की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी. इस अभियान को लेकर स्कूली बच्चों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है और वे हाथों में पौधे लेकर इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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