Sheikhpura News : (सत्येंद्र कुमार) विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शेखपुरा जिला प्रशासन ने बाल श्रम उन्मूलन को लेकर विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की. समाहरणालय परिसर से डीएम शेखर आनंद ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा.
बाल श्रम मुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने बाल श्रम उन्मूलन की शपथ ली. सभी ने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और बाल मजदूरी के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प लिया.
डीएम ने दिखाई जागरूकता रथ को हरी झंडी
जिलाधिकारी शेखर आनंद ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह रथ जिले के सभी प्रखंडों, गांवों और शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों को बाल श्रम निषेध कानून, बच्चों के अधिकार और शिक्षा के महत्व की जानकारी देगा.
बच्चों से मजदूरी कराना है कानूनी अपराध
डीएम शेखर आनंद ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसके बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य से होती है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों से मजदूरी कराना न केवल उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि यह एक गंभीर कानूनी अपराध भी है.
14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना प्रतिबंधित
जिलाधिकारी ने बताया कि 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को किसी भी प्रकार के कार्य में लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. यदि कोई व्यक्ति, संस्था या प्रतिष्ठान बच्चों से काम कराते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील
डीएम ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर देने की अपील की. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत नींव है.
बाल श्रम को बताया गरीबी और अशिक्षा की जड़
उन्होंने कहा कि बाल श्रम गरीबी, अशिक्षा और सामाजिक पिछड़ेपन की सबसे बड़ी वजहों में से एक है. जब कोई बच्चा पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने लगता है तो उसका बचपन, शिक्षा और भविष्य तीनों प्रभावित होते हैं.
गांव-गांव जाकर जागरूक करेगा रथ
जागरूकता रथ जिले के गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों को बच्चों के अधिकार, शिक्षा के महत्व और बाल श्रम निषेध कानूनों के बारे में जानकारी देगा. अभियान का उद्देश्य हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना और बाल मजदूरी को समाप्त करना है.
हर बच्चे को मिले पढ़ने का अधिकार
प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा मजदूरी करने को मजबूर न हो. हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन मिले, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी, मुख्यालय डीएसपी, डीडीसी संजय कुमार, श्रम संसाधन पदाधिकारी समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे.
