शेखपुरा के कंबलबीघा में 15 दिनों से नल-जल योजना ठप, 1000 लोगों के सामने पेयजल संकट

Sheikhpura Drinking Water Crisis : शेखपुरा के कंबलबीघा गांव में भीषण गर्मी के बीच 15 दिनों से नल-जल योजना ठप पड़ी है. बोरिंग का जलस्तर काफी नीचे जाने के कारण लगभग एक हजार लोगों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. प्रशासन की निष्क्रियता से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है.

Sheikhpura Drinking Water Crisis : शेखपुरा के अरियरी प्रखंड के एफनी पंचायत के कंबलबीघा गांव स्थित हर घर नल का जल योजना का पेयजलापूर्ति केंद्र से आपूर्ति 15 दिनों से बंद है. जिसके कारण भीषण गर्मी के इस मौसम में लगभग एक हजार की आबादी के समक्ष घोर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. बोरिंग का जलस्तर काफी नीचे चले जाने के कारण पेयजलापूर्ति केंद्र बंद पड़ा है.

प्रशासन द्वारा अब तक ग्रामीणों की इस मुख्य संकट को दूर न किए जाने के चलते ग्रामीणों के बीच विभाग और प्रशासन के विरुद्ध रोष व्याप्त है.

एफनी पंचायत के कंबलबीघा गांव में निवास कर रहे लगभग 200 परिवारों के लोगों को प्रतिदिन पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. भीषण गर्मी के बीच जलापूर्ति ठप रहने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है.

बोरिंग का जलस्तर नीचे जाने और पानी के लिए संघर्ष

इस बाबत ग्रामीण गोरेलाल और रेशमी देवी ने बताया कि गांव में हर घर तक पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन बोरिंग का जलस्तर नीचे चले जाने के कारण बोरिंग में लगा मोटर नीचे से पानी नहीं खींच पा रहा है. नल-जल योजना का लाभ नहीं मिलने से लोगों को खेत खंधा जाकर बोरिंग से पानी लाना पड़ता है.

मुश्किल से ग्रामीण लोग सिर्फ प्यास बुझा रहे हैं. ग्रामीणों ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की गई है, लेकिन अब तक पीएचईडी विभाग से कोई भी मिस्त्री या टेक्नीशियन केंद्र के उच्च शक्ति मोटर केंद्र में नहीं लगाए हैं.

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जिसके कारण नल-जल योजना का यह पेयजलापूर्ति केंद्र शोभा की वस्तु बनी हुई है. ग्रामीणों ने बताया कि मोटर खराब होने की सूचना कई बार संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों को दी जा चुकी है.

इसके बावजूद अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है. बार-बार शिकायत करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. ग्रामीणों में इस कारण आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

महिलाओं और बच्चों की परेशानी तथा चेतावनी

ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है. ऐसे समय में जलापूर्ति बंद रहने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. कई परिवारों को दूर-दराज के चापाकलों से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि कई बार पास पड़ोस वालों से उनके मोटर से पानी के लिए आरजू-मिन्नत करनी पड़ रही है.

इससे लोगों में विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त है. ग्रामीणों ने बताया कि सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना का उद्देश्य लोगों को घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है, लेकिन शेखपुरा में यह योजना फिलहाल बेअसर साबित हो रही है.

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लोगों ने खराब मोटर को अविलंब बदलकर या मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मोटर की मरम्मत कर नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन करेंगे.


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By Niranjan Kumar

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