नहाय-खाय के साथ हरितालिका तीज का अनुष्ठान रविवार को शुरू हुआ. सोमवार को सुहागिन महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास रखेंगी और मंगलवार को पारण करेंगी. तीज को लेकर बाजारों में भी खासी चहल-पहल देखी जा रही है.
पति के अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है व्रत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पति के अखंड सौभाग्य और आरोग्य की कामना को लेकर सुहागिन महिलाएं प्रत्येक वर्ष भादो मास के द्वितीय पक्ष की तृतीया को अखंड निर्जला उपवास रखती हैं. मान्यता के अनुसार इसी त्योहार के बल पर सावित्री ने अपने पति सत्यवान को मृत्यु के मुंह से वापस करवा लिया था.
नहाय-खाय के दिन महिलाओं ने किया सात्विक आहार
सोमवार को होने वाले अखंड निर्जला उपवास को लेकर रविवार को सुहागिन महिलाओं ने अपने निकटवर्ती पवित्र जल स्रोत में स्नान कर पूजा-पाठ किया. इसके बाद पूरी तरह सात्विक आहार का सेवन किया. सोमवार के व्रत में शामिल होने वाली बड़ी संख्या में महिलाओं ने नहाय-खाय के दिन नमक और नमक से बने किसी भी प्रकार के व्यंजन का सेवन नहीं किया.
तीज को लेकर बाजारों में बढ़ी गहमागहमी
तीज व्रत को लेकर बाजारों में भी खासी गहमागहमी और भीड़भाड़ देखी गयी. पूजा सामग्री के साथ फल-फूल आदि की बिक्री भी पूरे जोर-शोर से हुई. व्रत को लेकर महिलाओं ने पूजा की तैयारियों के लिए आवश्यक सामग्री की खरीदारी की.
