Sheikhpura Climate Smart Farming : कृषि विज्ञान केंद्र अरियरी में 22वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के बीच किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को अधिक टिकाऊ बनाने को लेकर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए.
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के उप निदेशक प्रशिक्षण डॉ. अभय मानकर ने किया.
जल संचयन और फलदार फसलों को अपनाने की सलाह
आईसीएआर-अटारी पटना के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अमरेन्द्र कुमार ने गूगल मीट के माध्यम से बैठक में भाग लिया.
उन्होंने शेखपुरा के किसानों को जलवायु अनुकूल खेती के तहत खेतों में जल संचयन को बढ़ावा देने की सलाह दी. इसके साथ ही अमरूद, आंवला और आम जैसे फलदार एवं बारहमासी पौधों की खेती अपनाने पर जोर दिया.
मोटे अनाज की खेती और स्वावलंबन प्रशिक्षण पर जोर
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के प्रसार निदेशक डॉ. रवीन्द्र कुमार सोहाने ने कृषि विज्ञान केंद्र और बिहार सरकार के समन्वय से मोटे अनाज (मिलेट्स/श्री अन्न) आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया.
उन्होंने किसानों से ‘सबाग्री’ कार्यक्रम में शामिल होने तथा उद्यमिता विकास के लिए दो माह के ‘स्वावलंबन’ प्रशिक्षण का लाभ उठाने की अपील की.
उचित मूल्य मिलने पर बढ़ेगी मिलेट्स की खेती
जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि यदि किसानों को मोटे अनाज की उपज का उचित और सुनिश्चित मूल्य मिले तो वे बड़े पैमाने पर इसकी खेती को अपनाएंगे.
बैठक में वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान रहे मौजूद
बैठक का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. प्रमोद कुमार चौधरी के नेतृत्व में हुआ. इस मौके पर वैज्ञानिक नवीन कुमार सिंह, डॉ. अलकाज्योति शर्मा और संगीता कुमारी सहित गव्य विकास विभाग, जीविका, जिला उद्यान विभाग, आरसेटी के प्रतिनिधि एवं कई प्रगतिशील किसान मौजूद रहे.
