शेखपुरा : पुलिस का 'नया सवेरा' अभियान, स्कूलों में बच्चों को दी गई साइबर अपराध और सुरक्षा की जानकारी

पुलिस का 'नया सवेरा' अभियान बच्चों को साइबर अपराध, बाल श्रम और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के प्रति जागरूक कर रहा है. विशेष रूप से मोबाइल के सुरक्षित इस्तेमाल और उत्पीड़न से बचाव पर जोर दिया जा रहा है.

पुलिस ने 'नया सवेरा' अभियान चलाया है. इस अभियान के तहत पुलिस पदाधिकारी स्कूली बच्चों को जागरूक करने में लगे हुए हैं. इस अभियान के तहत मंगलवार को सदर प्रखंड के मेंहुस और लोदीपुर उच्च विद्यालयों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

कार्यक्रम में मेंहुस थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारियों ने स्कूली बच्चों को साइबर अपराध, बाल श्रम, मानव तस्करी आदि के उन्मूलन को लेकर जागरूक किया. स्कूली बच्चों को इन सभी अपराधों को जड़ से समाप्त करने को लेकर शपथ भी दिलाई गई. इस प्रकार का अभियान जिले के अन्य विद्यालयों में भी चलाया जाएगा.

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अभियान को लेकर दोनों उच्च विद्यालयों में विशेष समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में पुलिस ने महिलाओं से जुड़े विभिन्न कानूनी अपराधों संबंधी जानकारी स्कूली बच्चों को देने का प्रयास किया.

इन सभी बच्चों को शपथपूर्वक किसी भी महिला के साथ अभद्र व्यवहार नहीं करने और उसके प्रति किसी भी प्रकार के उत्पीड़न से बचने की सलाह दी गई. बच्चों को बाल श्रम और मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और उससे बचाव के टिप्स भी दिए गए. इस प्रकार के अपराध अपने आसपास होने पर उसकी सूचना संबंधित थाने और पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ पुलिस डायल सेवा 112 को देने की भी अपील की गई.

साइबर अपराध और मोबाइल के सुरक्षित इस्तेमाल के बताए गए तरीके

स्कूली बच्चों को साइबर अपराध से बचने के लिए भी विशेष टिप्स दिए गए. उन्हें अपने मोबाइल पर किसी भी प्रकार के अनजान लिंक को खोलने या शेयर नहीं करने और ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करने जैसी मूलभूत बातों की जानकारी दी गई.

साथ ही, बालक और बालिकाओं को अपने मोबाइल में किसी भी प्रकार की अवांछित तस्वीर नहीं रखने की सलाह दी गई. पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी इन तस्वीरों की मदद से भी लोगों के व्यक्तिगत डेटा में सेंध लगाते हुए उनके साथ ठगी का काम करने का प्रयास कर सकते हैं.

पुलिस ने बताया कि वह स्कूली बच्चों की सुरक्षा और सेवा के लिए दिन-रात उपलब्ध है. किसी भी स्थिति में उन्हें अपने माता-पिता के साथ सभी प्रकार की अप्रिय घटनाओं को साझा करने के साथ-साथ पुलिस से भी मदद प्राप्त करने की अपील की गई.

यह भी बताया गया कि स्कूल जाने वाली बालिकाओं की सुरक्षा के लिए 'पुलिस दीदी' जिले में सक्रिय हैं. बालिकाओं की सुरक्षा और उनके पठन-पाठन के कार्य को सुचारू रखने के लिए इन महिला पुलिस दीदियों द्वारा उन्हें हर प्रकार की मदद पहुंचाई जा रही है.

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By Niranjan Kumar

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