शेखपुरा जिले को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में डीएम शेखर आनंद के द्वारा टीबी रोग से पीड़ित 200 मरीजों को पौष्टिक आहार किट वितरित किए. इस पहल का मुख्य उद्देश्य मरीजों को इलाज के साथ-साथ बेहतर खान-पान और पोषण सहायता उपलब्ध कराना है ताकि वे जल्द से जल्द स्वस्थ हो सकें.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम ने जिलेवासियों से अपील किया कि यदि किसी को भी टीबी के शुरुआती लक्षण जैसे दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी, हल्का बुखार, वजन घटना या भूख न लगना महसूस हों, तो वे बिना किसी झिझक के नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चेकअप कराये.
उन्होंने कहा कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी की जांच और स्क्रीनिंग बिल्कुल नि:शुल्क की जा रही है. समय पर पहचान और सही इलाज ही इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर तरीका है.
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की सराहना करते हुए बताया कि 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत जिले में अब तक 1 लाख 25 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कार्य की जा चुकी है. बेहतरीन कार्यशैली और व्यापक जांच अभियान के बदौलत शेखपुरा जिला पूरे राज्य में दूसरे स्थान पर बना हुआ है. उन्होंने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा अच्छे कार्य किया जा रहा है और जिलेवासियों से इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का आह्वान किया.
किट वितरण और जागरूकता कार्यक्रम के इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई प्रमुख अधिकारी, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे. अधिकारियों ने आमजन को यह भरोसा भी दिलाया कि सरकारी अस्पतालों में टीबी की दवाएं और जांच पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध हैं.
