शेखपुरा में कलेक्ट्रेट के सामने कांग्रेस का प्रदर्शन, घाटकुसुम्भा को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग

Ghatkusumbha Flood-Affected Area : कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शेखपुरा कलेक्ट्रेट में घाटकुसुम्भा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर धरना दिया. उनका कहना है कि जलजमाव क्षेत्र वर्गीकरण के कारण प्रभावित लोगों को राहत नहीं मिल रही है.

Ghatkusumbha Flood-Affected Area : शेखपुरा के घाटकुसुम्भा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया. धरने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्रनाथ सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से घाटकोसुम्भा को जलजमाव क्षेत्र की जगह बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर बाढ़ आपदा के तहत मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराने की मांग की.

हर साल बाढ़ से प्रभावित होने का दावा

धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता जितेंद्रनाथ ने कहा कि घाटकुसुम्भा प्रखंड हर वर्ष बाढ़ की समस्या से प्रभावित होता है. उनके अनुसार, लगातार बाढ़ के कारण यहां के लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है.

2008 में जलजमाव क्षेत्र घोषित किए जाने का मुद्दा

जितेंद्रनाथ ने आरोप लगाया कि सरकारी रिकॉर्ड में घाटकुसुम्भा को वर्ष 2008 में जलजमाव क्षेत्र घोषित किया गया था. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इसी वर्गीकरण के कारण प्रखंड के लोगों को बाढ़ आपदा के तहत मिलने वाली सहायता का लाभ नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने इस व्यवस्था की समीक्षा कर क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग की.

20 दिनों से बाढ़ प्रभावित होने का दावा

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, घाटकुसुम्भा क्षेत्र करीब 20 दिनों से बाढ़ की स्थिति से प्रभावित है. उनका दावा है कि कई इलाकों में फसलें डूब चुकी हैं और लोगों के सामने खाने-पीने की समस्या पैदा हो गई है. पशुओं के लिए चारे की कमी की बात भी धरने में उठाई गई.

बाढ़ के कारण स्कूल बंद होने की बात

धरने में कहा गया कि बाढ़ के कारण क्षेत्र के सरकारी स्कूल भी प्रभावित हैं. कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि जलजमाव और बाढ़ की स्थिति के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई बाधित है. प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की मांग की.

लखीसराय के बड़हिया से तुलना कर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता जितेंद्रनाथ ने हरोहर नदी के दोनों किनारों पर बाढ़ राहत को लेकर अलग-अलग व्यवस्था होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नदी के एक छोर पर स्थित घाटकोसुम्भा के लोगों को बाढ़ सहायता नहीं मिल रही है, जबकि दूसरे छोर पर लखीसराय जिले के बड़हिया प्रखंड में बाढ़ आपदा के तहत सहायता दी जा रही है. कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.

35 हजार आबादी प्रभावित होने का दावा

धरने में कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि बाढ़ और राहत व्यवस्था से जुड़ी इस स्थिति का असर घाटकोसुम्भा प्रखंड की करीब 35 हजार की आबादी पर पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बाढ़ प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर उन्हें नियमानुसार राहत और सहायता उपलब्ध करायी जाए.

पांच दिनों से आमरण अनशन पर पप्पू राज मंडल

घाटकोसुम्भा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राज मंडल पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं. बताया गया कि अनशन को स्थानीय लोगों का समर्थन भी मिल रहा है. प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही.

प्रखंड कार्यालय में तालाबंदी कर चुके हैं प्रदर्शनकारी

इससे पहले शुक्रवार को महिलाओं ने घाटकोसुम्भा प्रखंड कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान प्रखंड कार्यालय में तालाबंदी कर विरोध जताया गया. आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि घाटकोसुम्भा को केवल जलजमाव क्षेत्र के बजाय बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाए, ताकि प्रभावित लोगों को बाढ़ आपदा से जुड़ी सहायता मिल सके.

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By सतेंद्र कुमार

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